Iran Warning: ईरान की अमेरिका और इसराइल को कड़ी चेतावनी, कहा- किसी भी हमले का देंगे मुंहतोड़ जवाब.

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और 12 सितंबर 2026 को ईरानी सैन्य प्रमुखों ने अमेरिका और इसराइल को लेकर एक सख्त बयान जारी किया है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी तरह की आक्रामकता दिखाई गई, तो उसका बहुत ही कड़ा और तेज जवाब दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं और कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत का माहौल गरमाया हुआ है।
सऊदी अरब पाइपलाइन हमले पर अमेरिकी बयान
इसी दिन अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस पूरे भू-राजनीतिक हालात पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हालिया हमले के पीछे ईरान का ही हाथ था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हुती विद्रोहियों ने अमेरिका से संपर्क किया है और यह संकेत दिया है कि वे आगे किसी भी तरह के संघर्ष में शामिल होने का इरादा नहीं रखते हैं। राष्ट्रपति के इस बयान से कूटनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है।
ईरान की मांगें और बातचीत से इनकार
ईरान की संसद के नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के चेयरमैन Ebrahim Azizi ने 12 सितंबर को स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक तेहरान की सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए दोबारा टेबल पर नहीं बैठेगा। ईरान की इन मांगों को पहले Mohammad Baqer Zulqader ने सबके सामने रखा था, जिसमें अमेरिका की धमकियों को रोकना, लेबनान, फिलिस्तीन, यमन और इराक में सैन्य कार्रवाइयों को बंद करना और चल रहे नौसेना के नाकाबंदी को खत्म करना शामिल है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने 12 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि पिछले 60 दिनों में उसने 100 कमर्शियल जहाजों को सफलतापूर्वक दूसरे रास्ते पर भेजा है। उनका दावा है कि बिना अमेरिकी अनुमति के एक भी जहाज ने इस नाकाबंदी को पार नहीं किया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ब्रिक्स का रुख
इन तमाम तनावों के बीच ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि ईरान और खाड़ी देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर किसी समझौते पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए ओमान में उच्च स्तरीय चर्चाएं होने की उम्मीद है ताकि सुरक्षित नौवहन लेन बनाई जा सके। इसके विपरीत, ब्रिक्स समूह ने 12 सितंबर को एक बयान जारी कर उन एकतरफा प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन करते हैं। साथ ही, उन्होंने लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्र से इसराइली सेना की तुरंत वापसी की मांग भी की है।
घरेलू हिंसा और मीडिया रिपोर्ट्स
ईरान के भीतर भी घरेलू स्थिरता पर दबाव देखा जा रहा है। 12 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी ईरान के Saravan इलाके में भारी झड़पों की खबर आई। ईरानी सुरक्षा बलों और अज्ञात बंदूकधारियों के बीच हुई इस भिड़ंत में सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने और सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है। इन सभी विकासक्रमों के बीच, Al Jazeera English द्वारा 12 सितंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया कि ट्रंप प्रशासन को ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर सकारात्मक नैरेटिव बनाए रखने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।