ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सैन्य हमले का जवाब पहले से ज्यादा सख्त और दर्दनाक होगा
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य हमले का जवाब पहले से ज्यादा सख्त और दर्दनाक होगा।

तेहरान: ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल को सख्त चेतावनी दी है कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ कोई नई धमकी दी गई, तो इसका जवाब पहले से कहीं ज्यादा दर्दनाक होगा। पिछले एक हफ्ते से ईरान के उच्च अधिकारियों ने सैन्य टकराव को लेकर अपनी बयानबाजी तेज कर दी है।
संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ के सलाहकार मेहदी मोहम्मदी ने 22 अक्टूबर को कहा कि सैन्य तनाव अब एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इराक के ऊपर दुश्मन के विमानों की बढ़ती हलचल यह संकेत देती है कि दोनों पक्ष अब 'जीरो आवर' के करीब पहुंच रहे हैं।
क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा के लिए सुप्रीम लीडर मुजतबा खमेनी और संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ के बीच उच्च स्तरीय बैठक भी हुई है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 21 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि अगर ईरान पर हमला होता है, तो वह पहले से कहीं अधिक मजबूत जवाब देने के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने सही परिस्थितियों में कूटनीति के रास्ते खुले रखने की बात भी कही।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ई ने 20 अक्टूबर को कहा कि अमेरिका की 'हिट एंड रन' रणनीति का दौर अब खत्म हो चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी सैन्य हमले का बदला लिया जाएगा।
इससे पहले 18 अक्टूबर को रक्षा मंत्री महरदाद अखलाघी केताबची ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि कोई भी गलत कदम एक आश्चर्यजनक और व्यापक प्रतिक्रिया को जन्म देगा, जिसके गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे। इसी दिन आईआरजीसी कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रज़ा नकदी ने धमकी दी कि अगर हमला दोबारा शुरू हुआ, तो क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और निवेशों को निशाना बनाया जाएगा।
सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने 16 अक्टूबर को कहा कि ईरान लगातार होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के अधिकारों का सम्मान नहीं किया गया, तो नेविगेशन पर लगी वर्तमान पाबंदियां जारी रहेंगी।