Iran Minab School Strike: ईरान के मिनब स्कूल हमले के छह महीने पूरे, अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग जारी.

ईरान के Minab शहर में स्थित Shajareh Tayyebeh Elementary School पर हुए भयानक हमले को पूरे छह महीने बीत चुके हैं। यह दर्दनाक घटना इस जारी संघर्ष का सबसे खतरनाक और घातक हमला माना गया था, जिसमें कुल 156 लोगों की जान चली गई थी। इस बड़े हादसे में मरने वालों में ज्यादातर 7 से 12 साल की छोटी बच्चियां शामिल थीं, जो उस समय स्कूल के अंदर मौजूद थीं। इस पूरी घटना के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार जांच और बातचीत का दौर चल रहा है, लेकिन पीड़ितों के परिवारों का दर्द आज भी कम नहीं हुआ है।
हादसे का दर्द और अपनों को खोने का गम
इस खतरनाक हमले में अपना बेटा खोने वाली एक मां Khadijeh Ahmadizadeh ने मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि इस हमले ने मिनब के लोगों के दिलों में ऐसा जख्म दिया है जो कभी नहीं भर पाएगा। इस हमले में स्कूल की छत पूरी तरह से तबाह हो गई थी और जांच में सामने आया कि यह तबाही अमेरिकी सेना के एक Tomahawk missile के सीधे गिरने की वजह से हुई थी। हमले के बाद बचाव और राहत का काम बहुत लंबे समय तक चला, जिसके बाद जुलाई 2026 में ईरानी अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि मलबे से मिले शरीर के टुकड़ों के जरिए केवल 32 छात्र पीड़ितों की ही पहचान की जा सकी है।
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के अलग-अलग दावे
घटना के छह महीने पूरे होने पर 28 अगस्त 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि स्कूल पर गिरा वह मिसाइल असल में ईरान द्वारा ही दागा गया था और वह अपने रास्ते से भटक गया था, हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया। इससे पहले 5 मार्च 2026 को अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा था कि अमेरिका इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया था कि अमेरिकी सेना कभी भी जानबूझकर किसी नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाती है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स में इस बात के संकेत भी मिले हैं कि अंदरूनी तौर पर इस घटना को एक बड़ी 'लक्ष्य निर्धारण की गलती' माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, ईरान के स्थानीय और बड़े अधिकारियों ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। मिनब के गवर्नर Mohammad Radmehr, विदेश मंत्री Abbas Araghchi और प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UN Security Council से तुरंत दखल देने की अपील की है। इस पूरे मामले में स्वतंत्र जांच एजेंसियों ने भी अपनी रिपोर्ट रखी है। 16 मार्च 2026 को Amnesty International ने इस हमले को गैरकानूनी अमेरिकी हमला करार दिया था। संगठन का कहना था कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां न बरतना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का एक गंभीर उल्लंघन है। इसके अलावा, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर Melanie O'Brien ने भी 28 अगस्त 2026 को अपनी एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला कि यह हमला पूरी तरह से गैरकानूनी था क्योंकि अमेरिकी बलों ने नागरिकों की सुरक्षा के नियमों का पालन करने में लापरवाही बरती थी।