अमेरिका की आर्थिक घेराबंदी पर ईरान का बड़ा बयान, ओमान के साथ मिलकर बनायी नई योजना.

अमेरिका की तरफ से ईरान को पूरी तरह से आर्थिक रूप से तोड़ने के लिए एक नया प्लान लाया गया है। इस नई योजना को अमेरिकी प्रशासन ने Operation Economic Outcast नाम दिया है। अमेरिका का यह कदम ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तबाह करने के लिए उठाया गया है जिसके तहत उनके डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर को निशाना बनाया जा रहा है। इस पूरी योजना को लेकर अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 24 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी थी। अमेरिका इस कदम को आर्थिक डी-डे बता रहा है जिससे वहां के लोगों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ने वाली हैं।
ईरान का कड़ा रुख और संयुक्त राष्ट्र में शिकायत
अमेरिका के इस कदम के बाद ईरान ने भी चुप बैठना सही नहीं समझा और कड़ा विरोध जताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने अमेरिका की इस योजना को पूरी तरह से एक ड्रामा और मज़ाक बताया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र को एक औपचारिक पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है। उन्होंने 25-26 अगस्त 2026 के दौरान भेजे गए इस पत्र में कहा है कि अमेरिका का यह हमला सीधे तौर पर आम नागरिकों को निशाना बना रहा है जिससे उन्हें खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और जरूरी मेडिकल उपकरण नहीं मिल पाएंगे। ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री Ali Madanizadeh ने भी अमेरिका की इन धमकियों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी सरकार ने पहले से ही दो साल का एक मजबूत मैनेजमेंट प्लान तैयार कर रखा है जिससे वे इस स्थिति से आसानी से निपट लेंगे।
ओमान के साथ कमर्शियल शिपिंग पर बातचीत
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान और ईरान के बीच एक नया समझौता होने की बात सामने आ रही है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने मंगलवार को देर रात यह जानकारी दी कि ईरान और ओमान ओमान की खाड़ी और हॉर्मूज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों के आने-जाने को मैनेज करने के लिए एक अस्थायी समझौते पर बात कर रहे हैं। इस योजना का मकसद केवल सामान्य जहाजों के लिए रास्ते बनाना है जिसमें किसी भी तरह के सैन्य जहाजों को शामिल नहीं किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को स्थायी रूप देने के लिए 30 से 60 दिन का समय तय किया गया है। हालांकि इस मामले में यह भी सामने आया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ओमान को चेतावनी दी है कि अगर वह इस मामले में बीच में आया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। प्रतिबंधों के ऐलान के बाद तेहरान में पेट्रोल के लिए लंबी-लंबी कतारें भी देखने को मिली हैं।
कूटनीतिक कोशिशें और कतर के प्रधानमंत्री का दौरा
क्षेत्रीय शांति और तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें लगातार जारी हैं। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani 27 अगस्त 2026 को तेहरान का दौरा करने वाले हैं जहां वे क्षेत्रीय सुरक्षा और बीच-बचाव को लेकर चर्चा करेंगे। इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने भी अपनी बात रखी है और कहा है कि अमेरिका के इन प्रतिबंधों से पूरी दुनिया की वित्तीय व्यवस्था खराब हो सकती है। उन्होंने अमेरिका से अपील की है कि वह चीन और ईरान के आपसी सहयोग के बीच में दखलंदाजी न करे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप White House Releases पर जा सकते हैं।