Gulf Crisis: ईरान के सीनियर सांसद ने दी अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा- हमारी सैन्य ताकत का सिर्फ छोटा हिस्सा देखा है

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की तरफ से एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। ईरानी संसद के नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमेटी के वरिष्ठ सदस्य Ebrahim Rezaei ने 7 सितंबर 2026 को यह दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोतों पर किए गए हालिया हमले उनकी कुल सैन्य क्षमता का बहुत छोटा सा हिस्सा मात्र हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अमेरिकी नौसेना के लिए इस क्षेत्र में कोई भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है और तेहरान दुनिया में कहीं भी अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर कड़ा प्रहार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस बयान से ठीक पहले 7 सितंबर 2026 को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी जहाजों पर अपनी उन्नत Qassem Basir बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था। इस घटना के बाद से फारस की खाड़ी में सुरक्षा हालात काफी ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अब नियमों और शर्तों का दायरा बदल चुका है और यदि उनकी सुरक्षा पर दोबारा कोई आंच आई, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक तेज और दर्दनाक होगा।
ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad-Bagher Ghalibaf ने भी इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में तेल और गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह से खुली और पहुंच के दायरे में है, जिससे अमेरिकी ऊर्जा बुनियादी ढांचा खतरे की जद में है। इसके अलावा, ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने 8 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि देश ने अपनी रणनीतिक स्थिति को पूरी तरह बदल लिया है और वे फारस की खाड़ी में समुद्री प्रतिबंध क्षेत्र (Maritime Exclusion Zone) लागू करने की पूरी तैयारी कर चुके हैं।
अमेरिकी कार्रवाई और दक्षिण कोरिया को चेतावनी
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपनी कार्रवाई के तहत तीन ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया, 94 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदल दिया और नाकाबंदी के दौरान दो जहाजों पर बोर्डिंग भी की। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने पहले ही कड़ी चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमले बंद नहीं हुए, तो अमेरिका ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट कर देगा। इस गरमागरम माहौल के बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने दक्षिण कोरिया को अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अभियानों में हिस्सा न लेने की सख्त हिदायत दी और इसके गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही।
इन तमाम घटनाओं और झड़पों के चलते 8 सितंबर 2026 तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला जहाजी ट्रैफिक पिछले मई महीने के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय लगातार अमेरिकी कार्रवाइयों को अवैध और युद्ध की कार्रवाई करार दे रहा है, जिसका सीधा असर खाड़ी देशों से आने-जाने वाले समुद्री व्यापार और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है।