ईरान ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को विदेश नीति का अटूट हिस्सा बताया और अमेरिकी सेना की मौजूदगी पर दी चेतावनी

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि देश के राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा करना उसकी विदेश नीति का एक ऐसा सिद्धांत है जिसे बदला नहीं जा सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने 20 अक्टूबर 2026 को यह बात दोहराई। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान कूटनीतिक स्तर पर काफी सक्रिय है और क्षेत्रीय समीकरण बदल रहे हैं।
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें फ्रांस, बेल्जियम और इटली की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने इन देशों में बढ़ते तनाव और सार्वजनिक व्यवस्था में हो रही गड़बड़ी का हवाला दिया है।
क्षेत्रीय स्थिरता और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा से फोन पर बात की। साथ ही ईरान रूस के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत कर रहा है। 19 अक्टूबर को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की तेहरान यात्रा के बाद अराघची ने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग अब अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अराघची ने जोर दिया कि ईरान उन सभी पहलों के लिए तैयार है जो क्षेत्र को सुरक्षित बनाती हैं, लेकिन शर्त यह है कि इनमें बाहरी विदेशी ताकतों की कोई मौजूदगी नहीं होनी चाहिए।
सैन्य मोर्चे पर ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने 19 अक्टूबर को कहा कि अमेरिका किसी नए संघर्ष को शुरू करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि अमेरिकी सेनाएं तत्काल क्षेत्र से पीछे हट गई हैं।
डिप्टी कमांडर मुस्तफा इज़ादी के मुताबिक अमेरिकी नौसेना की ताकतें ईरानी मिसाइल क्षमताओं से बचने के लिए करीब 700 किलोमीटर दूर चली गई हैं। वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मदरेजा नघदी ने पुष्टि की है कि ईरान की रणनीतिक मिसाइल सुविधाएं और उनका भंडार पूरी तरह सुरक्षित है।
यमन के मौजूदा हालात पर प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने फिर से कहा कि ईरान यमन के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता है। उन्होंने हूतियों को स्वतंत्र रूप से काम करने वाला समूह बताया जो अपने हितों के आधार पर फैसले लेते हैं।