अमेरिकी नौसेना को तट से और दूर धकेलने के लिए ईरान ने लागू की नई सैन्य रणनीति और कुवैत बेस पर किया हमला

तेहरान: ईरानी सेना ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों को अपने तटों से और दूर भेजने के लिए नई ऑपरेशनल योजनाएं लागू की हैं। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने बताया कि अमेरिकी युद्धपोत पहले ही ईरान के तटों से 500 किलोमीटर से ज्यादा पीछे हट चुके हैं और अब वे ओमान की खाड़ी में काम नहीं कर रहे हैं।
अकरामिनिया ने कहा कि अगर अमेरिका मध्य पूर्व से अपनी सेना पूरी तरह हटा लेता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। उनके मुताबिक अमेरिकी सेना के जाने से क्षेत्रीय सुरक्षा को सामूहिक रूप से स्थापित किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित व्यावसायिक जहाजों के गुजरने के लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ पहले तालमेल करना जरूरी है। उन्होंने वॉशिंगटन के इस दावे को खारिज कर दिया कि वह इस जलमार्ग को नियंत्रित करता है और कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताएं ऐसे दावों को बेअसर कर देती हैं।
ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि पिछले एक-दो महीनों से वह जहाजों को जलडमरूमध्य के दक्षिण में एक अवैध और असुरक्षित रास्ते का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर कर रहा है, जिससे कई जहाज क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने जहाज मालिकों को ईरान द्वारा निर्धारित समुद्री रास्ते पर लौटने की सलाह दी है।
सैन्य कार्रवाई की जानकारी देते हुए अकरामिनिया ने दावा किया कि ईरानी वायु सेना ने F-5 लड़ाकू विमानों के जरिए कुवैत के बुहरिंग बेस (अल-अदिरी) पर हमला किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती सैटेलाइट इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार वहां तैनात हेलीकॉप्टरों को काफी नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा ईरानी नौसेना ने 16 अक्टूबर 2026 को ओमान की खाड़ी के एक प्रतिबंधित क्षेत्र में एक जलते हुए टैंकर की पहचान की है। बताया गया कि उस जहाज ने अपनी ट्रैकिंग प्रणाली बंद कर रखी थी।
यह सब उस समय हो रहा है जब 14 जुलाई 2026 से अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी फिर से शुरू हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक पिछले तीन महीनों में 135 जहाजों को वापस भेजा गया और चार व्यावसायिक जहाजों को निष्क्रिय किया गया। 10 अक्टूबर 2026 को एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करने वाले पनामा ध्वज वाले एम/वी ओशन मोलिका जहाज पर हमला कर उसे बेकार कर दिया था।
अमेरिकी ट्रेजरी का कहना है कि प्रतिबंधों और नाकाबंदी से ईरान की निर्यात आय कम हो रही है। वहीं समुद्री निगरानीकर्ताओं ने इस हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर तीन अलग-अलग हमलों की पुष्टि की है और बताया है कि जहाजों पर अंधाधुंध हमले हो रहे हैं।