ईरान के नए रक्षा मंत्री के लिए मेहरदाद अखलाघी का नामांकन, मिसाइल कार्यक्रम के दिग्गज संभालेंगे कमान

Gautam Sahu6 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के नए रक्षा मंत्री के लिए मेहरदाद अखलाघी का नामांकन, मिसाइल कार्यक्रम के दिग्गज संभालेंगे कमान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने देश के रक्षा मंत्रालय की कमान सौंपने के लिए मेहरदाद अखलाघी केताबची का नाम प्रस्तावित किया है। राष्ट्रपति ने आधिकारिक तौर पर संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबफ के पास यह नामांकन भेजा है। यह कदम रक्षा मंत्री के पद को भरने के लिए उठाया गया है, जो पिछले काफी समय से खाली था।

बता दें कि पूर्व रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह की फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हमले में मौत हो गई थी, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया था। तब से 2 मार्च 2026 तक माजिद एब्न-ए-रेजा इस जिम्मेदारी को कार्यवाहक क्षमता में संभाल रहे थे। अब मेहरदाद अखलाघी के नामांकन के बाद, उनके प्रस्तावित कार्यक्रम की समीक्षा होगी और संसद में विश्वास मत के जरिए उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगेगी।

मिसाइल और अंतरिक्ष क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं अखलाघी

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मेहरदाद अखलाघी केताबची ईरान के रक्षा मंत्रालय के एक अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्हें देश के मिसाइल और एयरोस्पेस सेक्टर की गहरी समझ और लंबा अनुभव है। 2014 से उन्होंने एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख के रूप में कार्य किया है। हालांकि, उनकी यह विशेषज्ञता उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों के केंद्र में भी रखती है।

अखलाघी का नाम कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की सूची में शामिल है। साल 2007 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उन्हें शाहिद बाघेरी इंडस्ट्रियल ग्रुप के प्रमुख के रूप में पहचाना था, जो ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ा है। सितंबर 2025 में जब संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध दोबारा लागू हुए, तब भी उनका नाम इसमें शामिल था। इसके अलावा, 2020 में अमेरिका ने पारंपरिक हथियारों से जुड़ी गतिविधियों के कारण उन पर प्रतिबंध लगाए थे, और यूरोपीय संघ ने भी शाहिद बाघेरी इंडस्ट्रियल ग्रुप में उनकी नेतृत्व भूमिका के कारण उन्हें प्रतिबंधित किया है।

ईरान में रक्षा मंत्री का पद बेहद संवेदनशील होता है और इसकी अंतिम मंजूरी सर्वोच्च नेता की देखरेख में होती है। वर्तमान में सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के तहत सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है, हालांकि उनके पदभार संभालने के बाद से अब तक कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं देखी गई है, जिससे यह प्रक्रिया काफी गोपनीय बनी हुई है।

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