ईरानी मीडिया ने छापी परमाणु हमले से बचने की गाइडलाइन, अमेरिकी प्लान का सबूत नहीं
मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने नागरिकों के लिए परमाणु हमले से बचने के निर्देश जारी किए हैं। अमेरिकी कार्रवाई और कूटनीति पर नजर।

तेहरान: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय मीडिया में अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित परमाणु हमले की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए ईरानी मीडिया ने नागरिकों के लिए सिविल डिफेंस निर्देश और सर्वाइवल गाइडलाइन्स प्रकाशित की हैं, ताकि लोग किसी भी संभावित परमाणु घटना के लिए तैयार रह सकें।
विश्लेषकों का मानना है कि अधिकारियों द्वारा जारी किए गए ये निर्देश चरम स्थितियों के लिए उनकी तैयारी का एक रणनीतिक संकेत हैं। हालांकि, अब तक ऐसे किसी अमेरिकी प्लान का कोई सार्वजनिक सबूत नहीं मिला है जिसमें परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात कही गई हो। चर्चा मुख्य रूप से 'पिकैक्स माउंटेन' सुविधाओं के खिलाफ कम क्षमता वाले टैक्टिकल और अर्थ-पेनेट्रेटर हथियारों के इस्तेमाल पर केंद्रित है, क्योंकि माना जाता है कि ये ठिकाने पारंपरिक हथियारों से सुरक्षित हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने वर्तमान स्थिति को "बहुत नरम युद्ध" (very soft war) करार दिया है। हालांकि, ट्रम्प ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका इस बात को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो पिकैक्स माउंटेन जैसे लक्ष्यों पर कार्रवाई की जा सकती है।
इसी बीच, सोमवार 2 नवंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप के पास सीमित रक्षात्मक हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरानी बलों द्वारा एक अमेरिकी विमान पर फायरिंग करने के जवाब में की गई थी। अधिकारियों ने साफ किया कि यह किसी बड़े सैन्य विस्तार या रणनीति में बदलाव का संकेत नहीं है।
इस तनाव के बीच दोहा में कतरी अधिकारियों की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है। इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामनेई, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं।