ईरान की परमाणु मांगों पर IAEA का बड़ा रुख, ग्रोसी ने दिया सहयोग का संकेत

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि एजेंसी तेहरान की चिंताओं और जरूरतों को समझते हुए उनके साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, बशर्ते परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के वैश्विक नियमों का पालन किया जाए।
सम्मानजनक तरीके से सहयोग की संभावना
रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को दिए एक विशेष साक्षात्कार में ग्रोसी ने स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए ईरान की मांगों पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा:
"हम इस प्रक्रिया को एक सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं। हम ईरान की जरूरतों का ध्यान रखते हुए उनके साथ काम करने को तैयार हैं, लेकिन इस दौरान परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की हमारी जिम्मेदारी और IAEA बोर्ड के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।"
ग्रोसी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु मानकों से कोई समझौता न हो।
यूक्रेन संकट और राष्ट्रपति स्तर की कूटनीति
ईरान के मुद्दे के अलावा, ग्रोसी ने यूक्रेन में जारी संघर्ष को सुलझाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने के लिए उच्च-स्तरीय कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।
पुतिन और ट्रंप के बीच बातचीत की जरूरत
ग्रोसी का मानना है कि यूक्रेन विवाद को सुलझाने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सीधा संवाद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्तर की कूटनीति इस समय सबसे अधिक प्रभावी साबित हो सकती है।
उन्होंने मॉस्को में अमेरिकी प्रतिनिधियों, जैसे स्टीव विटकोफ़ और जेरेड कुशनर की गतिविधियों का जिक्र करते हुए भी कहा कि वैश्विक शांति के लिए बड़े नेताओं का एक मंच पर आना बेहद अहम है।