परमाणु वार्ता के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने रखी शर्तें, कहा- पहले पूरा हो अनुपालन
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने कहा कि अमेरिका द्वारा शर्तों को पूरा करने के बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत होगी।

तेहरान: ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने साफ कर दिया है कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर चर्चा में तभी शामिल होगा जब अमेरिका ईरान की तय की गई शर्तों को पूरा करेगा। 31 अक्टूबर 2026 को दिए गए अपने बयान में रजाई ने कहा कि देश राजनयिक रास्तों के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ईरानी लोगों के बुनियादी अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रजाई ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है, हालांकि उन्होंने अभी तक इसका कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है। वॉशिंगटन की तरफ से बातचीत के लहजे में आए बदलाव को उन्होंने एक सकारात्मक संकेत बताया। रजाई के मुताबिक यह ईरानी लोगों की जीत का प्रमाण है।
देश की परमाणु रणनीति पर बात करते हुए रजाई ने बताया कि ईरान के परमाणु सिद्धांत में अब तक कोई आधिकारिक बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि अगर दुश्मनी बढ़ती है तो वर्तमान नीतियों को जारी रखने या न रखने पर आंतरिक चर्चाएं हुई हैं, लेकिन फिलहाल कोई औपचारिक परिवर्तन नहीं अपनाया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संभावित बातचीत के लिए जरूरी शर्तों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अपनी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करनी होगी। इसके साथ ही आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना और भविष्य में हमलों के खिलाफ ठोस गारंटी देना अनिवार्य होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ईरान की संसद में परमाणु हथियारों के अप्रसार संधि (NPT) से हटने के प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है। कई सांसदों ने इस संधि से बाहर निकलने के प्रस्ताव पेश किए हैं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को रिपोर्ट करने वाले रजाई और अन्य नेतृत्व ने अभी तक इन प्रस्तावों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।