Iran News: ईरानी अधिकारी अराघची ने पेश किया सात दिन का शांति प्रस्ताव, क्षेत्रीय तनाव घटाने की कोशिश.

क्षेत्रीय राजनीति में चल रही हलचल के बीच ईरान के अधिकारी Ali Araghchi ने एक अहम प्रस्ताव सामने रखा है। इस सात दिन के शांति प्लान का मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करना और ठप पड़ी शांति वार्ताओं को फिर से पटरी पर लाना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ताकि समुद्री मार्गों को सुरक्षित किया जा सके।
होरमुज जलडममध्य और कूटनीतिक प्रयास
इस नई शांति पहल का सबसे बड़ा हिस्सा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोलना है। अधिकारियों के मुताबिक यह नया प्लान जून महीने में अमेरिका और ईरान के बीच बनी एक पुरानी सहमति यानी Memorandum of Understanding (MoU) के ढांचे पर आधारित है। इस प्रस्ताव के जरिए दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की बात कही गई है ताकि व्यापार और जहाजों की आवाजाही बिना किसी डर के फिर से शुरू हो सके।
वर्तमान स्थिति और कूटनीतिक आकलन
हालांकि इस प्रस्ताव पर अतीत में काफी चर्चा हुई थी, लेकिन 25 September 2026 तक के ताजा कूटनीतिक आंकलन यह बताते हैं कि यह सात दिन की योजना अभी जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं हुई है। मौजूदा समय में ईरान के विदेश मंत्री Hossein Amir-Abdollahian व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु मामलों पर अपनी बातचीत जारी रखे हुए हैं। पिछले चौबीस घंटों में ऐसा कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है जो यह पुष्टि करे कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच इस पुराने सात दिवसीय फ्रेमवर्क पर दोबारा कोई नई बातचीत शुरू हुई है।
अमेरिका के विदेश विभाग यानी U.S. Department of State और ईरानी विदेश मंत्रालय की तरफ से फिलहाल इस पुराने सात दिवसीय समझौते पर लौटने को लेकर कोई ताजा संकेत नहीं दिए गए हैं। हालांकि यह पुराना प्रस्ताव अभी भी ईरान की समुद्री और परमाणु नीतियों पर होने वाली बैठकों में एक बड़े संदर्भ के रूप में देखा जाता है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर नजर रखने वालों के लिए यह स्थिति काफी अहम है क्योंकि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता का सीधा असर पूरी दुनिया के कारोबार पर पड़ता है।