अमेरिकी नाकाबंदी और तनाव के बीच ईरान ने तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाई लेकिन वास्तविक निर्यात में आई भारी गिरावट

तेहरान: अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, तकनीकी दिक्कतों और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद ईरान ने अपनी तेल उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी दर्ज की है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरान की दैनिक कच्चे तेल की उत्पादन क्षमता सितंबर 2024 में 34,30,000 बैरल थी, जो अक्टूबर 2026 तक बढ़कर 37,15,000 बैरल हो गई। यह करीब 8.3 प्रतिशत की वृद्धि है।
हालांकि, क्षमता बढ़ने के दावों के उलट वास्तविक उत्पादन और निर्यात के आंकड़े अलग कहानी बयां कर रहे हैं। ओपेक की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में ईरान का वास्तविक दैनिक तेल उत्पादन 99,000 बैरल घटकर 19,57,000 बैरल रह गया। वहीं वोर्टेक्सा के आंकड़ों से पता चला है कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के कारण सितंबर के दूसरे हफ्ते से 5 अक्टूबर 2026 तक समुद्री रास्ते से होने वाला कच्चा तेल निर्यात शून्य हो गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने 17 अक्टूबर 2026 को बताया कि अमेरिकी ऑपरेशनों ने पिछले कुछ महीनों में कम से कम 25 अरब डॉलर के ईरानी कच्चे तेल के निर्यात को रोका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय साझेदार होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए हैं और पिछले एक हफ्ते में करीब 400 व्यापारिक जहाज इस रास्ते से सफलतापूर्वक गुजरे हैं।
क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने 18 अक्टूबर 2026 को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में माइंस से टकराने के कारण दो टैंकरों में आग लग गई। 11 अक्टूबर से अब तक टैंकरों पर नौ हमले हो चुके हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि 17 और 18 अक्टूबर को सुपरटैंकरों में विस्फोट हुए।
इस संकट के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 18 अक्टूबर 2026 को न्यूयॉर्क में कतरी मध्यस्थों से मुलाकात की। अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाता है और तेल बिक्री पर लगी पाबंदियां खत्म करता है, तो ईरान सात दिनों के भीतर जलमार्ग को फिर से खोलने और समुद्री यातायात बहाल करने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का समाधान किए बिना कोई समझौता संभव नहीं है।
तेल क्षेत्र में नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है। मोहसिन पाकनेजाद ने 4 अक्टूबर 2026 को तेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके पीछे उन्होंने अर्थव्यवस्था और तेल क्षेत्र की खराब स्थिति का हवाला दिया। उनके बाद हामिद बोवरद ने कार्यवाहक तेल मंत्री का पद संभाला है। बोवरद ने वर्तमान स्थिति को पूर्ण आर्थिक युद्ध बताते हुए उत्पादन बढ़ाने और निर्यात बनाए रखने के लिए नई रणनीतियां लागू करने का वादा किया है।
गचसरन ऑयल एंड गैस प्रोडक्शन कंपनी ने 21 मार्च से 22 सितंबर 2026 के बीच अपने कच्चे तेल उत्पादन लक्ष्य का 97.2 प्रतिशत हासिल किया। कंपनी ने करीब 2,000 विशेष कुओं का काम पूरा किया, जिससे दैनिक उत्पादन में 22,000 बैरल की बढ़ोतरी हुई। इस बीच, क्षेत्रीय संघर्षों के कारण ओपेक प्लस ने 2027 के उत्पादन कोटा की समीक्षा को नवंबर के मध्य तक टाल दिया है।