Iran Oil Revenue: अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान की कमाई बढ़ी, दो साल का रिकॉर्ड टूटा.

कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भी ईरान की आर्थिक स्थिति को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है। 19 सितंबर 2026 को ईरानी सरकारी विभागों ने जानकारी दी कि देश की मासिक तेल बिक्री 3 अरब डॉलर से अधिक हो गई है। यह पिछले दो सालों में सबसे बड़ा आंकड़ा है। ईरान के प्लान एंड बजट ऑर्गेनाइजेशन ने बताया कि यह राजस्व बजट के अनुमान से भी ज्यादा रहा है, जिससे देश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। ईरानी अधिकारियों ने लॉजिस्टिक रुकावटों से जुड़ी खबरों को मनोवैज्ञानिक युद्ध करार देते हुए खारिज कर दिया। इसके अलावा, ईरान की एक अदालत ने अमेरिकी स्वामित्व वाले 'एडवांटेज स्वीट' टैंकर से जब्त किए गए कच्चे तेल की नीलामी को सही ठहराया। इस तेल को 36 मिलियन से 37 मिलियन डॉलर में बेचा गया, जिसका उपयोग मेडिकल सप्लाई की कमी से प्रभावित ईरानी नागरिकों के मुआवजे के लिए किया जाएगा।
अमेरिकी प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी
उसी दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' (H.R. 5334) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत इन प्रतिबंधों को 2031 तक बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उनकी नाकाबंदी की वजह से 105 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला गया है। फारस की खाड़ी में ईरान का 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रुका हुआ है, जबकि अन्य प्रतिबंधित जहाजों पर 6 करोड़ बैरल से अधिक तेल मौजूद है। यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट कंट्रोल ने 14 सितंबर को 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटस्टैट' के तहत वीटीबी बैंक पब्लिक ज्वाइंट स्टॉक कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया। इस बारे में अधिक जानकारी US Treasury Department की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है, और ईरान प्रतिबंधों की पूरी सूची OFAC Sanctions पर देखी जा सकती है।
क्रिप्टोकरल्टी जब्ती और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
अमेरिकी न्याय विभाग ने ब्लैक मार्केट के जरिए तेल बेचकर सैन्य गतिविधियों को फंड करने के आरोप में 61 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बीच, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने सितंबर 2026 की अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया कि कूटनीतिक गतिरोध के चलते वैश्विक तेल की मांग में प्रतिदिन 25 लाख बैरल की गिरावट आएगी। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी जारी रही, जिसके तहत पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री जहाजों के आवागमन को लेकर चर्चा की ताकि क्षेत्रीय स्थिति पर काबू पाया जा सके।