ईरान और ओमान होरमुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित जहाज़ मार्ग पर बातचीत कर रहे हैं

तेहरान: ईरान और ओमान होरमुज़ जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाज़ों के लिए सुरक्षित आवागमन मार्ग तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच बनी नई समझ के बाद यह प्रयास तेज़ हुआ है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 13 अक्टूबर 2026 को कहा कि तटवर्ती देश होने के नाते इस जलमार्ग की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी दोनों देशों की साझा है।
उप विदेश मंत्री काज़िम गरीबाबादी ने बताया कि यह ढांचा अगस्त और 7 अक्टूबर के पिछले समझौतों पर आधारित है, जो मार्ग के निर्देशांकों से जुड़े हैं। उनके मुताबिक इस ढांचे को संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) में दर्ज कराया जा सकता है।
ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अलबुसैदी ने कहा कि सल्तनत सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था लागू करने के लिए गहनता से काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओमान नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांतों की रक्षा के लिए यूरोपीय संघ के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ जुड़ा है।
हालांकि ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि यह समझौता जलडमरूमध्य को तुरंत या बिना शर्त खोलने के बराबर नहीं है। तेहरान का कहना है कि जहाज़ों की सामान्य आवाजाही पूरी तरह बहाल होना बाहरी नाकेबंदी और आर्थिक दबाव खत्म होने पर निर्भर है, और इस संदर्भ में उसने खास तौर पर अमेरिका की ज़िम्मेदारियों का ज़िक्र किया।
इसी बीच ईरानी सेना की नौसेना ने होरमुज़ के पूर्वी हिस्से, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में नई तैनाती की घोषणा की है। इन इकाइयों को जहाज़ों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी का काम सौंपा गया है। नौसेना ने सभी जहाज़ों को सक्रिय ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक पहचान प्रणाली चालू रखने के सख्त निर्देश दिए हैं, और चेतावनी दी है कि सुरक्षित गुज़रने के लिए ईरानी बलों के साथ तालमेल ज़रूरी है।
नौसेना ने 13 अक्टूबर को बताया कि पूर्वी जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर में आग लग गई। नौसेना के अनुसार जहाज़ ने अपने नेविगेशन सिस्टम बंद करके प्रतिबंधित क्षेत्र से गुज़रने की कोशिश की थी।
क्षेत्र में सुरक्षा हालात अब भी अस्थिर हैं। 5 से 11 अक्टूबर के बीच इलाके में व्यावसायिक जहाज़ों पर 12 हमले दर्ज किए गए, जिनमें से छह घटनाएं सिर्फ 11 अक्टूबर को हुईं। ईरान का दावा है कि 28 फरवरी से लागू उसके समुद्री उपाय अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में उठाए गए कानूनी कदम हैं।