Iran और Oman ने किया नया समझौता, Hormuz जलडमरूमध्य के नए रास्तों पर हुआ फैसला.

फारस की खाड़ी में सुरक्षा और नौवहन को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है जहां Iran और Oman ने मिलकर रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले Strait of Hormuz के लिए नए आवाजाही के रास्तों को अंतिम रूप दे दिया है। अगस्त 2026 के आखिर में तकनीकी और कूटनीतिक वार्ताओं के बाद इस नए समझौते पर मुहर लगाई गई है जिसके तहत फारस की खाड़ी में प्रवेश करने का नया रास्ता पूरी तरह से ईरानी प्रादेशिक पानी के भीतर होगा और बाहर निकलने वाले रास्ते का एक हिस्सा भी ईरान की सीमा से होकर गुजरेगा। इस पूरी व्यवस्था का संचालन पूरी तरह से ईरानी प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में किया जाएगा।
ओमान की राजधानी मस्कट में होगी बड़ी बैठक
इस पूरे मामले पर आगे की बातचीत के लिए ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने जानकारी दी है कि खाड़ी के तटीय देशों के विदेश मंत्री और इराक के प्रतिनिधि आगामी सोमवार, 15 सितंबर 2026 को ओमान की राजधानी Muscat में एक उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ इन नए शिपिंग रूट्स पर विस्तार से चर्चा करना होगा। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मस्कट में एक संयुक्त शिपिंग मार्ग से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
क्या Hormuz जलडमरूमध्य तुरंत खुल रहा है
अधिकारियों ने इस बात को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है कि ओमान के साथ नए रूट पर सहमति बनने का यह कतई मतलब नहीं है कि Strait of Hormuz तुरंत प्रभाव से सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। तेहरान सरकार ने अमेरिका के सामने इस सामरिक मार्ग को पूरी तरह से खोलने के लिए कुल सात शर्तें रखी हैं और साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपने बर्ताव में बदलाव नहीं लाता है तब तक इस मार्ग पर आवाजाही सीमित और प्रतिबंधित ही रहेगी। इसके अलावा अमेरिका द्वारा जिस पुराने दक्षिणी रास्ते के इस्तेमाल पर जोर दिया जाता था उसे इन नए प्रोटोकॉल के लागू होने के बाद हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक चुनौतियां
गौरतलब है कि इस साल 28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद से ही इस क्षेत्र में लगातार तनाव बना हुआ है जिसकी वजह से ईरान ने शिपिंग पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे और उसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने भी ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों पर नाकाबंदी कर रखी थी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री प्राधिकरणों को इन नए तय किए गए रास्तों के बारे में औपचारिक रूप से जानकारी दी जाएगी, लेकिन क्षेत्रीय कूटनीति में अभी भी पेच फंसे हुए हैं क्योंकि बहरीन ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान के साथ उसके कूटनीतिक रिश्ते आधिकारिक रूप से बहाल नहीं हो जाते तब तक वह मस्कट में होने वाली इस मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल नहीं होगा। इस पूरी खबर से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और विस्तृत अपडेट्स के लिए आप ANI News और News on Air की रिपोर्ट देख सकते हैं।