ईरान अमेरिका परमाणु वार्ता: बातचीत खुली, पर “शून्य पर नहीं लौटेंगे”

तेहरान (ईरान): ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए बीती बातों को भुलाकर सब कुछ नए सिरे से शुरू करने की उम्मीद न रखे। सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव और जारी आर्थिक प्रतिबंधों के बीच तेहरान कूटनीति का रास्ता बंद नहीं करेगा, पर वह ज़मीनी हालात की अनदेखी भी नहीं कर सकता।
बघाई ने सीधे शब्दों में कहा, “हम कभी शून्य पर वापस नहीं जाएंगे। क्या बीते दो सालों के अनुभव को नज़रअंदाज़ करके यह कहा जा सकता है कि हम फिर से वहीं खड़े हैं?” उनके मुताबिक ईरान हर दिन मिले अनुभव का इस्तेमाल करेगा, एक तरफ अपनी क्षमता मज़बूत करने में और दूसरी तरफ सामने वाले पक्ष की चूकों से सीखने में।
प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि ईरान ने बातचीत की मेज़ नहीं छोड़ी है। उनका कहना था कि कूटनीति ईरान के लिए रणभूमि और युद्ध जितनी ही अहम है। जहां ज़रूरी और संभव होगा, वहां तेहरान अपने हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक औज़ारों का इस्तेमाल करेगा।
पश्चिम की रणनीति पर सवाल
बघाई ने पश्चिमी देशों की नीति में विरोधाभास की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि सैन्य दबाव, प्रतिबंध और आर्थिक युद्ध बातचीत की असली भावना को कमज़ोर करते हैं। उनके अनुसार जिस पक्ष ने बीच बातचीत में वार्ता की मेज़ तोड़ी और अपनी पुरानी सख्ती पर अड़ा रहा, उसी को इस हालात के लिए पूरी तरह ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि जब आर्थिक युद्ध बढ़ाया जा रहा हो और युद्ध जैसी स्थिति बनी रहे, तो कोई कैसे खुद को कूटनीतिक और बातचीत का इच्छुक बता सकता है।
परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से ईरान के बाहर निकलने को लेकर पश्चिम की चिंताओं पर भी बघाई ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ढांचे पर हुए हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी ने ईरान के भीतर बहस को हवा दी है। उनका तर्क था कि यह चिंता पश्चिम की अपनी पैदा की हुई है। जिन लोगों ने वैश्विक अप्रस