Iran और Pakistan के बीच फ्री ट्रेड समझौते की तैयारी तेज़, 10 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य रखा.

ईरान और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक बार फिर से बड़ी कोशिश शुरू हो गई है। Iran-Pakistan Chamber of Commerce दोनों देशों के बीच जल्द से जल्द फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी एफटीए को फाइनल करने की मांग कर रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बढ़ते टैरिफ यानी टैक्स के बोझ और आर्थिक दिक्कतों से निपटा जा सके। दोनों देशों ने आपसी व्यापार को सालाना $10 billion तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है, जिसे हाल ही में हुए एक समझौते के दौरान फिर से दोहराया गया था। इस नए कदम से सीमा पार व्यापार को बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
वार्ता और बैठकों का दौर
इस साल August 2026 के शुरुआती दिनों में इस्लामाबाद में ज्वॉइंट ट्रेड कमेटी का 10वां सत्र आयोजित किया गया था। इस सत्र के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत में काफी तेज़ी आई है। ईरान के उद्योग, खान और व्यापार मंत्री Mohammad Atabak ने इस समझौते को लेकर काफी सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देश के साथ व्यापारिक रिश्ते बढ़ाने में किसी भी तरह की पाबंदी नहीं रखता है। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री Jam Kamal Khan ने बॉर्डर पर लॉजिस्टिक्स को आसान बनाने, कस्टम प्रक्रिया को तेज करने और माल ढुलाई में सुधार करने पर जोर दिया ताकि व्यापार बढ़ाने के लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बुनियादी ढांचे और भुगतान की नई योजनाएं
सिस्तान और बलूचिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष Ali Rigi Mirjaveh ने पुष्टि की है कि इस डील को अंतिम रूप देने के लिए इस समय विशेषज्ञ स्तर पर गहन समीक्षा चल रही है। इस प्रस्तावित ढांचे का मुख्य फोकस नियमों और टैरिफ कम करने के तौर-तरीकों से जुड़ी जटिल समस्याओं को हल करना है। इसके अलावा, कराची, चाबहार और ग्वादर बंदरगाहों के बीच आपसी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। बैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़ी लगातार आ रही समस्याओं से बचने के लिए संयुक्त फ्री ट्रेड जोन बनाने और बार्टर यानी वस्तु विनिमय व्यापार को बढ़ावा देने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है ताकि कारोबार में किसी प्रकार की रुकावट न आए।