NPT से बाहर हो सकता है ईरान, संसद में आए 10 प्रस्ताव; अमेरिका ने दी चेतावनी
ईरान की संसद में परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने के लिए 10 प्रस्ताव आए हैं। अमेरिका ने परमाणु हथियार बनाने पर सख्त चेतावनी दी है।

तेहरान: क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने के बीच ईरान की संसद में परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने की मांग तेज हो गई है। संसद को इस संबंध में कम से कम 10 औपचारिक प्रस्ताव मिले हैं। राज्य प्रसारक IRIB ने 30 अक्टूबर, 2026 को संसद अध्यक्ष और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता के हवाले से इस बात की पुष्टि की है।
ईरान ने साल 2025 में अपने परमाणु और सैन्य बुनियादी ढांचे पर इजरायली हमलों के बाद पहली बार संधि से हटने की धमकी दी थी। सांसद महमूद नबावियन ने 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय परमाणु सिद्धांत में बदलाव की मांग की। उन्होंने प्रतिबंधों और युद्ध की 'भारी कीमत' का हवाला देते हुए यह बात कही। वहीं, उनके सहयोगी हुसैन-अली हाजी डेलीगानी ने एक 'ट्रिपल-अर्जेंसी' बिल पेश किया है, जिसमें दावा किया गया है कि इस संधि से केवल नुकसान हुआ है।
इस कदम का समर्थन करने वालों का कहना है कि हालिया क्षेत्रीय आक्रमण 'असाधारण घटनाएं' हैं, जो देश के सर्वोच्च हितों को खतरे में डालती हैं। इसी आधार पर वे NPT के अनुच्छेद X का उपयोग कर संधि से बाहर होने की वकालत कर रहे हैं।
दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर सख्त रुख अपनाया है। 30 अक्टूबर, 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और संघर्ष जल्द खत्म होना चाहिए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान 'परमाणु हथियार नहीं रख सकता'। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइकल वाल्ट्ज ने भी ईरान की परमाणु योजनाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। 28 अक्टूबर, 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतरी मध्यस्थों के जरिए सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रजाई को पत्र भेजा था। इसमें सीधी और व्यापक बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है। पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने 30 अक्टूबर को इन मध्यस्थता प्रयासों पर 'सतर्क आशावाद' जताया है।
तेहरान के भीतर यह बहस तब और बढ़ गई जब सितंबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कथित सुरक्षा विफलताओं के कारण ईरान की परमाणु फाइल को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेज दिया। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि IAEA अब सुविधाओं की सुरक्षा करने के बजाय जासूसी और राजनीतिक दबाव का जरिया बन गया है।
क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। 30 अक्टूबर को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कच्चे तेल के टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ। वहीं, हूती गतिविधियों के कारण रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकियों के लिए सुरक्षा चेतावनी अपडेट की है।
संसद में चल रही चर्चा और कुछ अधिकारियों द्वारा परमाणु हथियार बनाने की मांग के बावजूद, ईरानी सरकार का कहना है कि उसका वर्तमान कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। NPT से हटने पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।