ईरान के संसद अध्यक्ष की बड़ी चेतावनी, कहा- किसी भी द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश का मिलेगा करारा जवाब

Nura Basta25 March 20262 min read5 viewsUAE

ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उनके अनुसार, ईरान के दुश्मन एक क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की साजिश रच रहे हैं। इस बयान के बाद फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में तनाव की स्थिति बनी हुई है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से यह खबर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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ईरान ने अपनी सुरक्षा और द्वीपों को लेकर क्या कहा?

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ईरान के संसद अध्यक्ष ने साफ किया है कि देश की सीमाओं और द्वीपों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर ईरानी द्वीपों पर किसी भी तरह की आक्रामकता दिखाई गई, तो ईरान अपनी संयम बरतने की नीति को छोड़ देगा। उनका कहना है कि फारस की खाड़ी में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का नतीजा अच्छा नहीं होगा। उन्होंने सीधे तौर पर किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन क्षेत्रीय ताकतों को आगाह किया है कि वे दुश्मनों का साथ न दें।

खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर क्या होगा असर?

ईरान और उसके आसपास के समुद्री इलाकों में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे तौर पर खाड़ी देशों (Gulf Countries) की स्थिरता को प्रभावित करता है। इसका असर वहां रह रहे प्रवासियों पर कुछ इस तरह पड़ सकता है:

  • समुद्री रास्तों में तनाव होने से तेल और जरूरी सामानों की सप्लाई पर असर पड़ता है।
  • ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी होने से आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है।
  • क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजामों की वजह से यात्रा और लॉजिस्टिक्स में देरी की संभावना रहती है।
  • भारत और खाड़ी देशों के बीच होने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर भी इसका असर हो सकता है।

क्या पहले भी दी गई थी ऐसी कोई चेतावनी?

मार्च के महीने में ही Mohammad Bagher Ghalibaf ने कई बार सुरक्षा से जुड़े सख्त बयान दिए हैं। 11 मार्च को उन्होंने कहा था कि अगर ईरानी द्वीपों पर हमला हुआ, तो इसके लिए जिम्मेदार ताकतों को भारी कीमत चुकानी होगी। इसके बाद 21-22 मार्च को उन्होंने क्षेत्रीय ऊर्जा और तेल बुनियादी ढांचे को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया था। ईरान ने हाल के दिनों में अपनी सैन्य तैयारी और गश्त को भी बढ़ाया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। फिलहाल स्थिति पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

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