गालिबाफ बोले- युद्ध रोकने की जिम्मेदारी अब अमेरिका की, ईरान ने भेजा जवाब
ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि युद्ध रोकने की जिम्मेदारी अब अमेरिका की है, वरना जवाब भौगोलिक सीमाओं से परे होगा।

तेहरान: ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागर गालिबाफ ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि अब युद्ध को रोकने की पूरी जिम्मेदारी संयुक्त राज्य अमेरिका पर है। उन्होंने संसदीय सत्र के दौरान कहा कि तेहरान ने वॉशिंगटन को एक "मजबूत, तर्कसंगत और आधिकारिक" जवाब भेज दिया है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी और अल जजीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, गालिबाफ ने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी रक्षा तैयारियों के उच्चतम स्तर पर बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने कोई और "रणनीतिक गलती" की, तो ईरान की प्रतिक्रिया भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी, जिससे युद्ध का एक नया मैदान खुल सकता है।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी है कि जारी संघर्ष से क्षेत्र के 2 ट्रिलियन डॉलर के बुनियादी ढांचे को खतरा है। इसमें महत्वपूर्ण डेटा सेंटर और समुद्र के नीचे बिछी केबल शामिल हैं।
पिछले 24 घंटों में तनाव काफी बढ़ गया है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मिसाइल खतरों की पहचान के बाद उन्होंने क्षेत्र में ईरानी ठिकानों पर "सीमित रक्षात्मक हमले" किए हैं। इसी बीच, क़ेशम द्वीप और बंदर लेंगेह में विस्फोटों की खबरें भी आई हैं।
दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो निगरानी ड्रोन और एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। सैन्य टकराव के बीच भी राजनयिक रास्ते खुले हुए हैं और कतरी अधिकारियों जैसे मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है।
फिलहाल तनाव कम करने के लिए एक ढांचे पर चर्चा चल रही है। इस प्रस्ताव के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों को रोकने पर सहमत हो सकता है, बशर्ते अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की अपनी नाकाबंदी हटा ले।