ईरान ने परमाणु समझौते पर दिया बड़ा बयान, NPT से बाहर होने की दी चेतावनी।

ईरान की संसद से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश अब परमाणु समझौते से पीछे हटने की तैयारी कर रहा है। ईरान की संसद के पीठासीन बोर्ड के प्रवक्ता Abbas Goudarzi ने 13 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि देश परमाणु अप्रसार संधि यानी NPT से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा ईरान अपनी परमाणु नीति में भी बड़ा बदलाव करने की सोच रहा है जिसे उन्होंने पूरी तरह से संभव और आसान बताया है। इस बयान के बाद पूरी दुनिया में तनाव का माहौल काफी ज्यादा बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
अमेरिका और पश्चिमी देशों पर ईरान का कड़ा रुख
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अमेरिका और उसके सहयोगियों की तरफ से लगातार बनाए जा रहे दबाव का एक कड़ा जवाब है। संसद के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के सख्त कदम उठाने से अमेरिका और उसके चेलों को उनकी औकात पता चल जाएगी क्योंकि वाशिंगटन के साथ बातचीत में केवल ताकत की भाषा ही काम आती है। यह बयान उससे ठीक एक दिन पहले यानी 12 सितंबर 2026 को संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य Mohammadreza Mohseni-Sani की तरफ से आए बयानों के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान अब NPT को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और ब्रिटेन का कड़ा एक्शन
ईरान पर यह अंतरराष्ट्रीय दबाव अचानक नहीं बढ़ा है बल्कि इसके पीछे कई बड़ी वजहें जुड़ी हुई हैं। हाल ही में 9 सितंबर 2026 को International Atomic Energy Agency (IAEA) ने पिछले बीस सालों में पहली बार ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास भेज दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ईरान चौथे यूरेनियम संवर्धन सुविधा केंद्र के बारे में जानकारी देने में विफल रहा और परमाणु सामग्री की जांच में कोई प्रगति नहीं हुई। इस पूरी स्थिति के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप UK Government Official Statement पर जा सकते हैं। इसके साथ ही यूनाइटेड किंगडम ने 8 सितंबर 2026 को नए कानून लागू किए हैं जिनके तहत ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने बिना किसी नागरिक जरूरत के 400 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम को 60% तक संचित कर लिया है जो खतरे की घंटी है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का बयान और संधि के नियम
इन सभी तनावों और अंतरराष्ट्रीय बहसों के बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 13 सितंबर 2026 को यह साफ किया कि उनका देश परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान अभी भी अंतरराष्ट्रीय कानून और NPT के दायरे में रहकर बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। राष्ट्रपति ने यह भी जोड़ा कि ईरान किसी भी पड़ोसी देश पर पहले हमला नहीं करेगा लेकिन अमेरिका या इस्रायल के आगे झुकने वाला नहीं है। संधि के Article X के नियमों के अनुसार यदि कोई देश यह महसूस करता है कि उसके राष्ट्रीय हितों के सामने कोई असाधारण संकट आ गया है, तो वह तीन महीने का नोटिस देकर इस संधि से बाहर हो सकता है।