अमेरिका और इजरायल से युद्ध के खतरे के बीच ईरान के पायदारी फ्रंट ने परमाणु संधि से हटने की मांग की

ईरान के कट्टरपंथी पायदारी फ्रंट ने परमाणु अप्रसार संधि से हटने की मांग की है, जबकि अमेरिका और इजरायल से युद्ध का खतरा बढ़ रहा है।

Gautam Sahu26 October 20261 min read0 viewsWorld
अमेरिका और इजरायल से युद्ध के खतरे के बीच ईरान के पायदारी फ्रंट ने परमाणु संधि से हटने की मांग की

तेहरान: ईरान के एक प्रभावशाली कट्टरपंथी गुट पायदारी फ्रंट (फ्रंट ऑफ इस्लामिक रिवोल्यूशन स्टेबिलिटी) ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने की मांग की है। इस गुट ने इसके लिए ईरानी संसद और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल को औपचारिक याचिका भेजी है।

यह मांग ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं। कुछ अनुमानों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी मिलते ही 96 घंटों के भीतर कार्रवाई की जा सकती है।

परमाणु अप्रसार संधि के अनुच्छेद X के तहत, कोई भी सदस्य देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को तीन महीने का नोटिस देकर संधि से अलग हो सकता है। इसके लिए उसे यह बताना होता है कि कुछ असाधारण घटनाओं ने उसके सर्वोच्च राष्ट्रीय हितों को खतरे में डाल दिया है।

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दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 25 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि संघर्ष के खतरे के बावजूद देश की बुनियादी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन भी कूटनीतिक समाधान के पक्ष में हैं और उनका कहना है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रज़ाई ने पहले संकेत दिया था कि संधि से हटना अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर कर सकता है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने बताया है कि बिचौलियों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं।

क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 26 अक्टूबर को तेहरान पहुंचे। ये प्रतिनिधिमंडल तनाव कम करने के लिए आपातकालीन बातचीत करेंगे।

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