अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया, तेहरान ने की बातचीत से साफ़ इनकार

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 26 सितंबर 2026 को यह साफ़ कर दिया कि अब उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत पर भरोसा नहीं करता है। उन्होंने अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि लगातार पाबंदियों और सैन्य कार्रवाइयों की वजह से अमेरिका के साथ कूटनीतिक वार्ताओं पर से उनका विश्वास उठ चुका है। ईरान अभी भी जून के महीने में हुए एक समझौते यानी Memorandum of Understanding पर कायम है और वह चाहता है कि अमेरिका इस दस्तावेज पर अपना रुख स्पष्ट करे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के प्रस्ताव को मान लेता है, तो ईरान अपने वादों को पूरा करेगा। इसके तहत यूएन के परमाणु निरीक्षकों को देश में आने की अनुमति दी जाएगी ताकि लंबे समय के लिए युद्धविराम समझौता हो सके।
अमेरिका ने ठुकराया सात दिन का रोडमैप
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से आए उस सात दिवसीय रोडमैप को खारिज कर दिया है, जिसमें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने की योजना थी। इस योजना के बारे में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इसी हफ्ते जानकारी दी थी। इस प्रस्ताव में चार से पांच दिन की प्रक्रिया के बाद छठे दिन जलमार्ग को खोलने और सातवें दिन अंतिम समझौते पर सीधी बातचीत करने की बात कही गई थी। अमेरिकी अधिकारियों ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि उन्हें ईरान के नियमों और समझौतों पर भरोसा नहीं है और राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर से बमबारी अभियानों को शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान पर तंज कसते हुए इस जलमार्ग को Trump Strait नाम दिया और चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका हमलों के जरिए इसे खुद खोल देगा।
कतर, ओमान और पाकिस्तान कर रहे हैं मध्यस्थता
इस पूरे मामले में कतर, ओमान और पाकिस्तान जैसे देश मिलकर बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हैं। हालात तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए जब 14 जुलाई को अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी को फिर से लागू कर दिया। इसकी वजह से अब तक 122 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है, और अकेले इसी हफ्ते ऐसे 12 मामले सामने आए हैं। ईरान के प्रस्ताव के अनुसार अमेरिका को यह नाकाबंदी हटानी होगी, तेल की बिक्री पर लगी पाबंदियों को खत्म करना होगा, लगभग 12 बिलियन डॉलर की जमी हुई संपत्ति को जारी करना होगा और लेबनान तथा यमन को शामिल करते हुए क्षेत्रीय युद्धविराम लागू करना होगा। इस बीच इराक अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि ईरानी एयरलाइंस के लिए मानवीय छूट हासिल की जा सके। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव का कहना है कि जब तक ये सभी शर्तें पूरी नहीं होती हैं, तब तक कोई बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी और जलमार्ग बंद रहेगा।