ईरानी राष्ट्रपति बोले- बातचीत से सुलझाएंगे मसले, दुश्मनों के आगे नहीं झुकेंगे

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाएगा, लेकिन दुश्मनों के सामने घुटने नहीं टेकेगा।

Gautam Sahu3 November 20262 min read0 viewsWorld
ईरानी राष्ट्रपति बोले- बातचीत से सुलझाएंगे मसले, दुश्मनों के आगे नहीं झुकेंगे

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने साफ किया है कि उनकी सरकार मौजूदा चुनौतियों को बातचीत और संवाद के जरिए हल करने की कोशिश करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश अपने दुश्मनों के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा और युद्ध से किसी भी पक्ष का फायदा नहीं होता है। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन के मुताबिक, सर्वोच्च नेता मो जतबा खामेनेई ने सरकार को इन राजनयिक रास्तों को तलाशने की अनुमति दे दी है।

विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बताया कि क्षेत्रीय दुश्मनी को कम करने के लिए कतर और पाकिस्तान में मध्यस्थों की मदद से बेहद गहन परामर्श चल रहा है। इस कोशिश के तहत उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के दौरों, फोन कॉल्स और सीधे संदेशों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। हालांकि, अराघची ने वॉशिंगटन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने सैन्य तनाव और बढ़ाया, तो इसका जवाब और भी कड़वा और गंभीर होगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने जानकारी दी कि ईरान ने सद्भावना दिखाते हुए अपने पिछले सात दिनों के प्रस्ताव की समय सीमा घटाकर दो दिन कर दी है। यदि कुछ खास शर्तें पूरी होती हैं, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और औपचारिक बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है। यह कदम अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस पत्र के बाद आया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर शांति वार्ता फिर से शुरू करने की बात कही गई थी। ईरानी अधिकारियों ने इस पत्र को एक सकारात्मक संकेत बताया है।

राजनयिक प्रयासों के साथ-साथ ईरान अपनी सैन्य तैयारी भी जारी रखे हुए है। एक वरिष्ठ ईरानी कमांडर के अनुसार, वर्तमान में 3 करोड़ से अधिक नागरिक सैन्य प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं, सर्वोच्च नेता मो जतबा खामेनेई ने सैन्य नेतृत्व को निर्देश दिए हैं कि किसी भी संभावित खतरे का जवाब तत्काल और प्रभावी तरीके से दिया जाए, जिसकी कोई भौगोलिक सीमा न हो।

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