अमेरिकी राजनयिकों के खिलाफ ईरान की घातक साजिश की चेतावनी, सऊदी अरब से गैर-जरूरी स्टाफ को वापस बुलाने का आदेश
अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ईरान अमेरिकी राजनयिकों के खिलाफ घातक साजिश रच रहा है। सऊदी अरब से गैर-जरूरी स्टाफ हटाया गया।

वॉशिंगटन: अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ईरान ने अमेरिका के राजनयिकों और अधिकारियों को निशाना बनाने की अपनी कोशिशें काफी बढ़ा दी हैं। नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर जे क्लेयटन ने 23 अक्टूबर 2026 को जारी एक मेमो में बताया कि मध्य पूर्व और कई अन्य देशों में अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ ईरान के घातक हमले की साजिश अब एडवांस स्टेज पर पहुंच चुकी है।
यह मेमो अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो को भेजा गया है, जिसकी कॉपी सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ को भी दी गई। हालांकि मेमो में किसी खास टारगेट या हमले के समय का जिक्र नहीं है, लेकिन अधिकारियों को डर है कि यमन के हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के बाहर अन्य क्षेत्रीय देशों में भी अपने हमले बढ़ा सकते हैं।
हूती बलों ने हाल ही में सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हमला किया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। इसके बाद 24 अक्टूबर 2026 को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद, नजरान और वादी अल-दवासिर की ओर आ रहे एक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन को बीच में ही रोक लिया।
बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात गैर-आपातकालीन कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस लौटने का आदेश दिया है। विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने साफ किया कि यह आदेश फिलहाल सिर्फ सऊदी अरब के लिए है। हालांकि खबर है कि लेबनान, यूएई, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी दूतावास 'प्रतिबंधित संचालन' मोड पर चले गए हैं और कुछ राजनयिक कर्मचारियों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह भेजा जा रहा है।
यूएई ने हूतियों की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे सऊदी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अक्टूबर को कहा कि अगर तेहरान और वॉशिंगटन के बीच समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका 'एपिक फ्युरी' मिशन जैसे सैन्य अभियान चलाने के लिए तैयार है।
इन तनावों के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुर्द सशस्त्र समूह PJAK की एक ट्रेनिंग और मीटिंग फैसिलिटी के खिलाफ पहले से ही एक ऑपरेशन चलाया है।