ईरान की नई सैन्य रणनीति: अब हमले का इंतजार नहीं, पहले करेंगे प्रहार

Gautam Sahu7 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान की नई सैन्य रणनीति: अब हमले का इंतजार नहीं, पहले करेंगे प्रहार

मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा और आक्रामक बदलाव किया है। ईरान की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी-निया ने साफ कर दिया है कि अब इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी खतरे के सामने हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेगा। ईरान ने अब 'प्रीएम्पटिव मिलिट्री ऑपरेशंस' (पूर्व-नियोजित हमले) की नीति अपनाई है, जिसका सीधा मतलब है कि अगर उन्हें लगा कि कोई दुश्मन हमला करने वाला है, तो वे खतरे के साकार होने से पहले ही उसे खत्म करने के लिए हमला करेंगे।

राज्य संचालित समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, जनरल अकरमी-निया ने जोर देकर कहा कि सेना अब दुश्मन के हमलों को सहने का इंतजार नहीं करेगी। जब भी परिस्थितियों की मांग होगी, दुश्मन की आक्रामकता या घुसपैठ को रोकने के लिए पहले प्रहार किया जाएगा। सितंबर 2026 के अंत से सैन्य अधिकारियों द्वारा इस बदलाव के संकेत दिए जा रहे थे, जिसे अब आधिकारिक रूप से सैन्य सिद्धांत (डॉक्ट्रिन) का हिस्सा बना लिया गया है। ईरान इस कदम को अमेरिका और इजरायल की कथित आक्रामकता के जवाब के तौर पर देख रहा है।

मिसाइल क्षमता में इजाफा और अमेरिकी सेना पर नजर

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इस नई रणनीति को जमीन पर उतारने के लिए ईरानी सशस्त्र बल अपनी 'स्टैंड-ऑफ' क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अपनी मिसाइल प्रणालियों की रेंज और रफ्तार को बढ़ाना है। प्रवक्ता ने बताया कि यह तकनीकी अपग्रेड इसलिए जरूरी हो गया है क्योंकि अमेरिकी सेनाएं ईरानी तटों के 1,000 किलोमीटर के दायरे में तैनात हैं।

इतना ही नहीं, ईरान ने अपने रक्षा उत्पादन ढांचे को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। जनरल अकरमी-निया ने पुष्टि की कि हालिया संघर्षों के दौरान भी देश में मिसाइलों और ड्रोन्स का निर्माण लगातार जारी रहा है। ईरान ने लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए हथियारों का एक बड़ा भंडार जमा कर लिया है। हालांकि, नए रक्षात्मक और आक्रामक हथियारों के विकास पर काम चल रहा है, लेकिन उन्हें सही समय पर ही दुनिया के सामने लाया जाएगा।

अपनी इस रणनीति को सही ठहराते हुए प्रवक्ता ने इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र में अलगाववादी समूहों के खिलाफ की गई पिछली कार्रवाइयों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उन ऑपरेशनों के जरिए खतरों को ईरानी सीमा तक पहुँचने से पहले ही सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया था।

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