अमेरिका और इजरायल के हमलों के खिलाफ ईरान ने दी आत्मसमर्पण न करने की चेतावनी
ईरान ने कहा कि वह अमेरिका और इजरायल के किसी भी सैन्य हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार है और देश की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।

नई दिल्ली: ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका और इजरायल की ओर से कोई नया सैन्य तनाव या हमला शुरू होता है, तो वह अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को यह बात कही।
इलाही ने जोर देकर कहा कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन संघर्ष की स्थिति में वह समर्पण नहीं करेगा। उन्होंने संकल्प जताया कि देश की रक्षा के लिए वे अपनी जान और खून तक लगा देंगे।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में ईरानी ठिकानों पर दोबारा सैन्य कार्रवाई करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई थी।
तनाव के बीच इलाही ने कहा कि विदेशी नियंत्रण को राष्ट्रीय संसाधन सौंपने या बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की उम्मीद करना सिर्फ एक सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा।
दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि पिछले अमेरिकी ऑपरेशनों ने ईरान के परमाणु और सैन्य बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचाया है। अमेरिकी नेतृत्व का मानना है कि अब केवल 'पिकैक्स माउंटेन' जैसे कुछ ही खास लक्ष्य बचे हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तेजी से निशाना बनाया जा सकता है।