अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बीच ईरान ने संभावित अमेरिकी बमबारी अभियान के लिए अपनी तैयारी पूरी की
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बीच ईरान ने अमेरिका के संभावित बमबारी अभियान के लिए तैयारी की है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

तेहरान: ईरान के अधिकारियों ने दावा किया है कि देश अमेरिका के एक नए बमबारी अभियान का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह तनाव अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के समय बढ़ रहा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे अमेरिकी हितों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता रखते हैं।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव 3 नवंबर 2026 को होने वाले हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि 'उत्पादक चर्चाओं' के बाद वे चुनावों से पहले किसी हमले की अनुमति नहीं देंगे, लेकिन उन्होंने यह भी इशारा किया है कि चुनाव के बाद कार्रवाई हो सकती है।
तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक ने 23 अक्टूबर को सुझाव दिया था कि हमला जल्द से जल्द इस वीकेंड तक हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि प्रशासन का मकसद शासन परिवर्तन करना नहीं है।
दूसरी तरफ, नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को एक मेमो जारी कर चेतावनी दी कि ईरान ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की कोशिशें बढ़ा दी हैं और घातक साजिशें अंतिम चरणों में हैं।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने इन धमकियों को मीडिया के लिए बताया, लेकिन साथ ही सैन्य तैयारी की पुष्टि की। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों को फारस की खाड़ी में आने से रोका जाएगा।
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने कहा कि तेहरान ने एक नया और अधिक विनाशकारी ऑपरेशनल प्लान तैयार किया है। इसमें डेटा केंद्रों और समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों पर जवाबी हमले शामिल हो सकते हैं।
खबरों के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हमले की योजना बना रहे हैं। नेतन्याहू का लक्ष्य ईरान के धार्मिक शासन को उखाड़ फेंकना रहा है।
क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने अपने तीसरे विमानवाहक पोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट को तैनात किया है। साथ ही, ईरान की सीमाओं के पास इजरायली सैन्य अभ्यास जारी है। अमेरिकी अधिकारी ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, परमाणु केंद्रों और मिसाइल व ड्रोन शस्त्रागार को निशाना बनाने के लिए एक संक्षिप्त और गहन ऑपरेशन की योजना अंतिम रूप दे रहे हैं।