ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को लिखा खुला पत्र, वाशिंगटन को बताया इजरायल का प्रॉक्सी

Praggya Singh sabal1 April 20262 min read16 viewsWorld

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी जनता के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने अमेरिका की ‘America First’ नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि Washington असल में इजरायल के लिए एक ‘proxy’ के तौर पर काम कर रहा है। राष्ट्रपति Pezeshkian ने अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वे युद्ध की बजाय अपनी प्राथमिकताओं को चुनें और फैलाए जा रहे झूठ को नकार दें। यह पत्र 1 अप्रैल 2026 को जारी किया गया, जिसमें ईरान और अमेरिका के पुराने इतिहास का भी जिक्र किया गया है।

ईरानी राष्ट्रपति के पत्र की मुख्य बातें क्या हैं?

  • राष्ट्रपति Pezeshkian ने कहा कि अमेरिका को इस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है कि वह आखिरी अमेरिकी सैनिक तक युद्ध लड़ता रहे।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी नीतियां असल में ‘Israel First’ से प्रेरित हैं, न कि अपनी जनता के हित में।
  • पत्र में कहा गया कि ईरान ने कभी भी अपनी तरफ से युद्ध या तनाव की शुरुआत नहीं की है।
  • उन्होंने 1953 के तख्तापलट और हाल ही में ईरान के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की याद दिलाई।
  • Pezeshkian ने अमेरिकी जनता से आग्रह किया कि वे सैन्य आक्रामकता की जगह अपने देश के हितों को प्राथमिकता दें।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान ने क्या पक्ष रखा है?

राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने European Union की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ ने सैन्य कार्रवाइयों की निंदा नहीं की, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए उन्हें भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस गारंटी चाहिए होगी। इसके अलावा ईरान की सरकार ने Donald Trump के संघर्ष विराम वाले दावों को भी पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। ईरान का मानना है कि उसे एक खतरे के रूप में पेश करना सिर्फ सैन्य प्रभुत्व बनाए रखने का एक बहाना है।

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