ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी, कहा- नागरिकों और बुनियादी ढांचे को बनाना बंद करो निशाना।

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने हाल ही में अमेरिका को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अमेरिका को खुली चुनौती दी और कहा कि अगर अमेरिकी सेना खुद को योद्धा मानती है तो वह सीधे तौर पर ईरान की सेना का मुकाबला करे।
अमेेरिका पर गंभीर आरोप और क्षेत्रीय तनाव
ईरान के राष्ट्रपति ने 12 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया जिसे IRNA News Agency ने भी प्रमुखता से प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका आम जनता के भोजन, आजीविका, पानी और मेडिकल संसाधनों पर वार कर रहा है जो बेहद गलत है। ईरान की सरकार और जनता किसी भी तरह के बाहरी दबाव या दादागिरी के आगे नहीं झुकेगी। IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान का यह रुख साफ करता है कि वह अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
BRICS सम्मेलन में रखा पक्ष
इसी दिन नई दिल्ली में आयोजित BRICS नॉन-प्लनरी सेशन में बोलते हुए राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पूरी दुनिया में शांति और सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि वैश्विक सहयोग के लिए न्याय, संप्रभुता का सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सही तरीके से पालन होना बहुत जरूरी है। उन्होंने BRICS देशों से अपील की कि वे नागरिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों का मिलकर विरोध करें। इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ किया कि शांतिपूर्ण परमाणु फैसिलिटी इन सभी खतरों से सुरक्षित रहनी चाहिए।
पश्चिम एशिया और शिपिंग रूट्स पर असर
ईरान के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया को अमेरिका जैसे क्षेत्रीय पुलिसवाले की कोई जरूरत नहीं है और इस इलाके की सुरक्षा यहां के स्थानीय देशों द्वारा ही संभाली जानी चाहिए। इन सबके बीच फारस की खाड़ी के पास वाणिज्यिक शिपिंग रूट्स को सुरक्षित रखने के लिए ओमान में ओमान की खाड़ी के पास के देशों के साथ बैठक करने की योजना बनाई जा रही है। क्यूशम द्वीप के पास हुए धमाकों और तेल टैंकरों से जुड़ी घटनाओं के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस मामले की विस्तृत जानकारी आधिकारिक Iran Ministry of Foreign Affairs पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई गई है। BRICS के नेताओं ने भी संयुक्त बयान जारी कर नागरिक बुनियादी ढांचा पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है।