सऊदी अरब के साथ जंग नहीं चाहते ईरान के राष्ट्रपति, ब्रिक्स समिट में दिया बड़ा बयान

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए साफ किया है कि उनका देश सऊदी अरब के साथ किसी भी तरह की जंग में नहीं है। 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित BRICS summit के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने बताया कि हूती विद्रोहियों की तरफ से जो भी कदम उठाए जाते हैं, वे उनकी अपनी अंदरूनी समस्याओं का नतीजा होते हैं। इस बयान से खाड़ी देशों में चल रही गहमागहमी के बीच एक नया पहलू सामने आया है, जिसे आम लोग और वहां काम करने वाले प्रवासी काफी गंभीरता से देख रहे हैं।
क्षेत्रीय शांति और सहयोग पर जोर
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा कि ईरान अपने सभी पड़ोसी देशों, जिनमें UAE भी शामिल है, के साथ दिल से अच्छे रिश्ते रखना चाहता है। उनका मानना है कि इस इलाके में लड़ाई-झगड़े की कोई वजह नहीं है और बिना किसी बाहरी ताकत के दखल के आपसी तालमेल से ही स्थायी शांति हासिल की जा सकती है। समिट के दौरान उन्होंने अबूधाबी के क्राउन प्रिंस से भी मुलाकात की, जिसमें तनाव को कम करने और आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने पर बातचीत हुई। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह सुकून भरी खबर है, क्योंकि शांति रहने से वहां का माहौल सुरक्षित रहता है और कामकाज सामान्य रूप से चलता रहता है।
अमेरिका और क्षेत्रीय तनाव का मुद्दा
भू-राजनीतिक तनाव पर बात करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा रहा है और ईरान पर दबाव बना रहा है, लेकिन उनका देश किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस दावे का भी जिक्र किया जिसमें ट्रंप ने सऊदी तेल पाइपलाइन पर हुए हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने अमेरिका से सीधा टकराव न चाहने की बात कही है, लेकिन इसके बावजूद ज़मीन पर हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात और चुनौतियां
मौजूदा समय में खाड़ी देशों की सुरक्षा स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। हाल ही में हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से सऊदी अरब के Sharurah इलाके में एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया। इसके अलावा, जिजान क्षेत्र में एक गोले के गिरने से दो लोग घायल हो गए। इराक की तरफ से आए ड्रोन ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हमला किया, जिसके बाद उस पाइपलाइन को बंद करना पड़ा और इराकी सरकार इसकी जांच कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बलों की नाकाबंदी के बीच एक जहाज पर अज्ञात गोले से हमला हुआ। वहीं, बहरीन ने ओमान में ईरान के साथ बैठक करने से मना कर दिया और कहा कि पहले कूटनीतिक रिश्ते सुधरने चाहिए और खाड़ी में हमले बंद होने चाहिए। इन घटनाओं पर भारत से खाड़ी आने-जाने वाले लोगों और वहां के हालातों पर नजर रखने वालों की पैनी नजर है।