ईरान में 'पूर्ण युद्ध' की स्थिति, राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने दिया प्रतिरोध का मंत्र

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने एक बार फिर दुनिया को कड़ा संदेश देते हुए यह घोषणा की है कि उनका देश इस समय हर मोर्चे पर एक "पूर्ण युद्ध" का सामना कर रहा है। कैबिनेट की एक बैठक के दौरान राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान न केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि वह अपने नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए बातचीत के रास्ते भी खुले रख रहा है।
पेज़ेशकियन ने देश के भीतर एकजुटता की अपील करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सामाजिक सहानुभूति और राष्ट्रीय एकता ही वे सबसे बड़े हथियार हैं, जिनसे दुश्मनों को मात दी जा सकती है। उन्होंने एक ऐसी रणनीति पर जोर दिया जिसमें एक तरफ पड़ोसी देशों के साथ राजनयिक संबंधों और बहुपक्षीय जुड़ाव को मजबूत किया जाए, और दूसरी तरफ अपनी घरेलू क्षमताओं पर अटूट भरोसा रखा जाए।
आर्थिक और सैन्य मोर्चों पर संघर्ष
यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ने ऐसी चेतावनी दी हो। इससे पहले 20 जुलाई, 2026 को उन्होंने सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ चल रही स्थिति को "पूर्ण पैमाने का युद्ध" बताया था। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और आम जनता की आजीविका को इस युद्ध के मुख्य रणक्षेत्र के रूप में चिन्हित किया था। इसके बाद 23 अगस्त, 2026 को उन्होंने अपनी बात को और विस्तार देते हुए कहा कि देश आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा संबंधी एक व्यापक युद्ध लड़ रहा है।
IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए "सबसे विनाशकारी" प्रतिबंधों का डटकर सामना करने का संकल्प लिया है। ईरान की सरकार अब इसी दिशा में काम कर रही है कि वह मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक दबाव के बीच देश को स्थिर रख सके।