बम और मिसाइलों से किसी समाज को झुकने पर मजबूर नहीं किया जा सकता, अमेरिकी धमकी के बीच राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने की एकता की अपील

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने देश में राष्ट्रीय एकता की अपील की है। उन्होंने कहा कि बम और मिसाइलों के जरिए किसी समाज को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब खबरें हैं कि अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु केंद्रों पर नए हमले के विकल्पों पर विचार कर रही है।
ईरान की समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक पेज़ेशकियन ने अपने भाषण में कहा कि अगर हम अंदरूनी तौर पर बंटे रहे, तो दुश्मन अपना लक्ष्य हासिल कर लेगा। अल जज़ीरा के अनुसार राष्ट्रपति ने नागरिकों से राष्ट्रीय एकजुटता मजबूत करने और देश के सामने आने वाली चुनौतियों का मिलकर सामना करने का आग्रह किया है।
सीएनएन की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हमले के विकल्प तैयार किए हैं। इसमें जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB) का इस्तेमाल शामिल हो सकता है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' के नाम से जाना जाता है। इन संभावित हमलों के निशाने पर ईरान का ऊर्जा ढांचा और पिकैक्स माउंटेन स्थित संदिग्ध परमाणु केंद्र हो सकते हैं।
ये विकल्प तब विचार किए जा सकते हैं यदि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान के खिलाफ फिर से सैन्य अभियान शुरू करने का फैसला करते हैं। ट्रंप ने कई बार कहा है कि उनका मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के बीच इस बात पर सवाल उठे हैं कि क्या MOAB बम जमीन के नीचे बने मजबूत किलों को भेद पाएगा।
अमेरिकी सैन्य योजना से जुड़े एक सूत्र ने सीएनएन को बताया कि MOAB एक विशाल क्षेत्र को साफ करने के लिए बेहतरीन हथियार है, लेकिन इसे गहराई तक भेदने वाले वारहेड के रूप में डिजाइन नहीं किया गया है। यह लगभग 21,600 पाउंड का वजन वाला अमेरिकी शस्त्रागार का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है।
ट्रंप प्रशासन पर नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले संघर्ष खत्म करने का दबाव है, जबकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच किसी समझौते का कोई स्पष्ट संकेत नहीं है। अमेरिकी अधिकारी इस बात की तैयारी भी कर रहे हैं कि अगर ट्रंप हमलों की अनुमति देते हैं, तो ईरान की ओर से क्या जवाबी कार्रवाई हो सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों को तैनात करने में अनिच्छा जताई है। वहीं प्रशासन के सलाहकारों ने ऐसे सैन्य विकल्पों पर चर्चा की है जो एक प्रतीकात्मक जीत दिला सकें और वाशिंगटन को इस संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता दें।