Iran News: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का बड़ा ऐलान, दुश्मनों को पछताना होगा, डटकर मुकाबला करेंगे

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 8 सितंबर 2026 को यह साफ कर दिया है कि उनका देश दुश्मनों के खिलाफ अपनी जिद और विरोध को जारी रखेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी करके बताया कि ईरान तब तक पीछे नहीं हटने वाला है जब तक कि हमला करने वालों को अपनी हरकतों पर पूरा पछतावा नहीं हो जाता। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान ने हमेशा से ही जंग का विरोध किया है और वह क्षेत्र में शांति बनाए रखने के पक्ष में रहा है, लेकिन अगर कोई उनके देश पर हमला करेगा तो वे पूरी ताकत से उसका जवाब देंगे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
यह पूरा मामला तब और गर्मा गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की तरफ से कुछ सख्त बयान सामने आए। इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए और पिछले हफ्ते Strait of Hormuz के पास दोनों तरफ से गोलाबारी हुई। अमेरिकी सेना की रिपोर्ट के मुताबिक उनके जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन इस झड़प में ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला हुआ और वे खराब हो गए। इस तनाव की वजह से इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है और शनिवार को केवल दो जहाज ही वहां से गुजरते हुए देखे गए।
ईरान की नई चेतावनी और मिसाइलें
हालात सुधरने के बजाय ईरान अब और आक्रामक तेवर दिखा रहा है। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी है कि उनके पास नई मिसाइलें हैं जो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और फौजी ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकती हैं। इसके अलावा तेहरान सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक समुद्री प्रतिबंध क्षेत्र बनाने की तैयारी कर रही है ताकि बिना ईरानी अनुमति के वहां से कोई जहाज न निकल सके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने दक्षिण कोरिया को भी चेतावनी दी है कि अगर उसने फारस की खाड़ी या होर्मुज में अपनी सेना भेजी तो इसे हमले में मदद माना जाएगा।
शांति की कोशिशें और कूटनीति
इस जंग को रोकने के लिए अब कई देश मिलकर बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। कतर और चीन जैसे देश मिलकर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कराने की जुगत में लगे हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने हाल ही में जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi से फोन पर बात की और कहा कि अमेरिका को पुराना समझौता मानना होगा तभी बात बन सकती है। इसके अलावा ईरान के पूर्व राष्ट्रपति Hassan Rouhani ने भी देश के लोगों की इच्छा का हवाला देते हुए इस लड़ाई को जल्द खत्म करने की मांग की है ताकि देश का दोबारा निर्माण किया जा सके। ईरान और ओमान ने मिलकर होर्मुज के रास्ते एक अस्थाई रास्ता बनाने पर भी काम शुरू कर दिया है।