ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन बोले, न युद्ध न शांति के हालात से गरिमा के साथ निकलेंगे बाहर
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान अपनी गरिमा बनाए रखते हुए 'न युद्ध न शांति' की स्थिति से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है।

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार देश को मौजूदा 'न युद्ध न शांति' की स्थिति से बाहर निकालने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बदलाव ईरान की राष्ट्रीय गरिमा को बरकरार रखते हुए किया जाएगा।
ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (ISNA) के मुताबिक, राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कर रही है। देश के लिए एक अधिक पूर्वानुमानित माहौल तैयार करने के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, जिसका नेतृत्व सचिव मोहसिन रजाई कर रहे हैं, इन निर्देशों पर काम कर रही है।
राष्ट्रपति ने ये बातें देश के ईंधन और बिजली संकट के प्रबंधन के लिए बुलाई गई एक बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ रणनीतिक बदलाव चाहती है, तो दूसरी तरफ ऊर्जा की खपत और राष्ट्रीय लचीलेपन के लिए विस्तृत योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ा हुआ है। 7 नवंबर 2026 को अमेरिका ने पुष्टि की कि उसने क़ेशम द्वीप पर स्थित ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियों पर छोटे स्तर के स्थानीय हमले किए हैं।
दूसरी ओर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अभी भी बंद है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक तेहरान द्वारा तय की गई विशिष्ट शर्तें पूरी नहीं होतीं, यह मार्ग बंद रहेगा, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थता जारी हो।
राजनयिक मोर्चों पर विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान, कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान के अपने समकक्षों के साथ बातचीत की है। अराघची ने बताया कि इन चर्चाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावनाओं पर तेहरान के बुनियादी रुख को स्पष्ट करना था।
इसी बीच सैन्य गतिविधियों की खबरें भी सामने आई हैं, जिसमें ईरान ने अमेरिकी ड्रोन्स को रोकने और उन्हें नष्ट करने का दावा किया है।