अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन की चेतावनी, कहा- युद्ध से किसी का लाभ नहीं
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने चेतावनी दी है कि युद्ध किसी के हित में नहीं होगा। जानें क्या है पूरा मामला।

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने चेतावनी दी है कि युद्ध की स्थिति में किसी का भी फायदा नहीं होगा। यह बयान उन्होंने क़ेशम द्वीप पर अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद तनाव बढ़ने के बीच 3 नवंबर, 2026 को दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार 2 नवंबर, 2026 को अमेरिका ने क़ेशम द्वीप पर सीमित रक्षात्मक हमले किए। इन हमलों का लक्ष्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की गतिविधियां थीं।
अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को रक्षात्मक बताया है। उनका कहना है कि इनका मकसद व्यावसायिक शिपिंग के लिए खतरों को रोकना था और इनका उद्देश्य पूर्ण पैमाने पर सैन्य संघर्ष शुरू करना नहीं था। पिछले कई हफ्तों से अमेरिका इस तरह के छोटे स्तर के गुप्त ऑपरेशन चला रहा है।
क़ेशम द्वीप पर धमाकों की खबरें आई हैं। वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका के दो टोही ड्रोन मार गिराए हैं, हालांकि हमलों और ड्रोन के बीच सीधा संबंध अभी पुष्ट नहीं हुआ है।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने संवाद के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि ईरानी नेतृत्व ने उनके प्रशासन को शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अधिक अधिकार दिए हैं।
कतर जैसे क्षेत्रीय मध्यस्थों की कोशिशों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच अब तक कोई व्यापक समझौता नहीं हो पाया है। इस स्थिति के बीच अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी जीत का दावा किया है और संकेत दिया है कि समझौता संभव है।
इरानी सेना के प्रवक्ता ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने आगे हमले किए, तो इसका जवाब "तत्काल और विनाशकारी" होगा, जो पश्चिम एशिया क्षेत्र से बाहर तक जा सकता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अब "गेंद अमेरिका के पाले में है"। उन्होंने मांग की है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को अपनी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करनी होगी।