Iran में हुआ बड़ा धमाका, चाबहार और कोनारक में गिरे चार प्रोजेक्टाइल, अमेरिका और ईरान में बढ़ा तनाव.

मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से से बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के सिस्तान और बलूचस्तान प्रांत के सुरक्षा मामलों के उपराज्यपाल अली खलीलबादी ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि प्रांत के चाबहार और कोनारक काउंटियों में कुल चार प्रोजेक्टाइल आकर गिरे हैं। इस अचानक हुई घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं और नुकसान का सही आकलन करने के लिए उच्च स्तर की जांच शुरू कर दी गई है। ईरान की प्रमुख मीडिया एजेंसियों जैसे فارس और तसनीम ने भी इस इलाके में कई जोरदार धमाके होने की पुष्टि की है।
विस्फोटों और सैन्य गतिविधियों का पूरा ब्योरा
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के कोनारक क्षेत्र में कुल छह धमाके सुने गए, जबकि काशम द्वीप के दक्षिण में लगभग आठ धमाके दर्ज किए गए। इसके अलावा स्थानीय हवाई अड्डों के आसपास भी संदिग्ध सैन्य गतिविधियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। यह पूरी घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में पहले से ही सैन्य तनाव अपने चरम पर था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि अमेरिकी बलों ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इस ऑपरेशन की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की और इसे जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर आठ मिसाइलें दागने और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश का कड़ा जवाब बताया।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और चेतावनी
अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के अधिकारियों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने बयान देते हुए कहा कि उनका देश अपनी सशस्त्र सेनाओं को बहुत तेजी से मजबूत कर रहा है। इसके साथ ही रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुलकर चेतावनी दी कि अमेरिका को इन हमलों की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। गालिबफ ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने फारस की खाड़ी से होने वाले ईरानी तेल के निर्यात को रोकने की कोशिश की, तो खाड़ी देशों से होने वाले तेल के परिवहन को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और यूरोपीय संघ की अपील
इन तमाम सैन्य टकरावों से ठीक एक दिन पहले, यानी 31 अगस्त 2026 को यूरोपीय संघ ने ईरान से एक गंभीर अपील की थी। यूरोपीय संघ ने ईरान से आग्रह किया था कि वह अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को सीमित करे, क्षेत्र में अपनी अस्थिर करने वाली गतिविधियों को रोके और रूस को मिलने वाली सैन्य मदद पर तुरंत रोक लगाए। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह सुरक्षित रखने और नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने की सख्त जरूरत पर भी जोर दिया गया था, ताकि खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर कोई आंच न आए।