Iran का बड़ा प्रस्ताव, कतर की मध्यस्थता से सात दिन में खुल सकता है Hormuz Strait.

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसके तहत Strait of Hormuz को सात दिन के भीतर फिर से खोलने की बात कही गई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में यह प्रस्ताव कतर को मध्यस्थ बनाकर सामने लाया गया। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और परमाणु समझौतों पर बातचीत को दोबारा शुरू करना है, जो कुछ अमेरिकी शर्तों के पूरा होने पर ही संभव हो सकता है।
ईरान की मुख्य शर्तें और जून का समझौता
तेहरान की तरफ से पेश किया गया यह प्रस्ताव जून महीने में बने एक समझौते के दस्तावेज पर आधारित है। जलमार्ग को दोबारा शुरू करने के लिए ईरान ने कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं जिनमें लेबनान में सभी तरह के हमलों को रोकना, ईरान पर लगे अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाना, ईरानी तेल पर से अमेरिकी पाबंदियों को खत्म करना और कम से कम $12 billion की जमी हुई ईरानी संपत्ति को तुरंत रिहा करना शामिल है। इसके अलावा क्षेत्रीय संघर्षों को पूरी तरह से समाप्त करने और कूटनीतिक समय सीमा पर अमेरिका से पक्का भरोसा देने की मांग भी की गई है। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और मंत्री Abbas Araghchi ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ही इस पूरे मामले पर कोई ठोस समझौता करने की अपनी इच्छा साफ तौर पर जाहिर की है।
कतर और अमेरिका के बीच बातचीत का दौर
इस समय कतर इस पूरी कूटनीतिक कोशिश को आगे बढ़ा रहा है और कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने दोनों पक्षों के बीच लगातार संदेशों के आदान-प्रदान की पुष्टि भी की है। अमेरिका के दूत Steve Witkoff और Jared Kushner इन कतर के मध्यस्थों के जरिए Abbas Araghchi से लगातार बातचीत कर रहे हैं। हालांकि व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इन चर्चाओं को सकारात्मक बताया है, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया है कि अभी तक कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ है और अमेरिका की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने आने वाले समय में बातचीत के फिर से शुरू होने की उम्मीद जताई है, भले ही अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में बिना कांग्रेस की अनुमति के ईरान युद्ध को खत्म करने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया हो।
क्षेत्रीय चुनौतियां और समुद्री यातायात की स्थिति
इन तमाम वार्ताओं के बीच सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात लगातार अमेरिका से यह अपील कर रहे हैं कि वह अपनी आर्थिक सख्ती और नौसैनिक प्रतिबंधों को बनाए रखे, खासकर हाल ही में हुए हुती मिसालों के हमलों के बाद। इसके विपरीत, ईरान का कहना है कि चीन उसके इस प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन करता है और ओमान के साथ एक अलग अस्थायी ट्रांजिट रूट का समझौता भी तय हो चुका है। मौजूदा समुद्री आंकड़ों से इन वार्ताओं की गंभीरता साफ पता चलती है क्योंकि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर केवल नौ रह गई है। बातचीत करने वाले लोग आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले में नौवहन अधिकारों को फिर से बहाल करने के लिए एक चरणबद्ध समाधान तलाशने में लगे हुए हैं।