स्टारलिंक सेवाओं पर ईरान का नॉर्वे पर हमला, राजदूत को तलब कर जताया कड़ा विरोध

ईरान और नॉर्वे के बीच राजनयिक तनाव तब बढ़ गया जब ईरान ने अपनी सीमा के भीतर स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के अनधिकृत संचालन को लेकर नॉर्वे के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय ने तेहरान में नॉर्वे के राजदूत पॉल ब्योर्नस्टैड को तलब किया। ईरान का आरोप है कि नॉर्वे ने उन जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया है, जो अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के साथ स्टारलिंक सेवाओं के पंजीकरण के कारण उस पर थीं।
ईरानी विदेश मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के महानिदेशक मोहम्मद हसन-नेजाद पीरकुही ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया कि वे ईरान के खिलाफ अपने हस्तक्षेपवादी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए स्टारलिंक का इस्तेमाल कर रहे हैं। पीरकुही के अनुसार, नॉर्वे ने ITU के रेडियो रेगुलेशन बोर्ड द्वारा निर्धारित कानूनी दायित्वों को पूरा करने में लापरवाही बरती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का मुद्दा
ईरान का दावा है कि ITU बोर्ड ने पहले ही उन रिपोर्टों को स्वीकार किया है जिनमें देश के भीतर अनधिकृत टर्मिनलों के संचालन की बात कही गई है। तेहरान का तर्क है कि स्टारलिंक के पास ऐसी तकनीकी क्षमता है जिससे वह इन उपकरणों की सटीक लोकेशन का पता लगाकर उन्हें रिमोटली बंद कर सकता है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।
ईरान के लिए यह केवल इंटरनेट का मामला नहीं, बल्कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संप्रभुता से जुड़ा सवाल है। तेहरान ने इन अनधिकृत सैटेलाइट संचार सेवाओं को जासूसी और शत्रु देशों के साथ मिलीभगत के रूप में देखा है। इसी वजह से ईरान ने देश के भीतर स्टारलिंक टर्मिनलों की पहचान करने और उन्हें जब्त करने के अभियान को तेज कर दिया है।
हालांकि ITU ने ईरान को इन टर्मिनलों को निष्क्रिय करने के अपने प्रयास जारी रखने की सलाह दी है, लेकिन पीरकुही ने स्पष्ट किया कि नॉर्वे को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि इन अनधिकृत सेवाओं को पूरी तरह से रोका जा सके।