तेहरान में कतर और ईरान की बड़ी बैठक, क्षेत्रीय तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बनी सहमति.

ईरान की राजधानी तेहरान में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani का स्वागत किया. यह अहम मुलाकात Thursday, August 27, 2026 को हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करना और कतर की मध्यस्थता के जरिए जारी पहलों को आगे बढ़ाना था.
बैठक के दौरान दोनों देशों के बड़े नेताओं ने कतर के नेतृत्व में चल रहे मध्यस्थता प्रयासों की समीक्षा की और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की. इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. ईरानी उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने जानकारी दी कि तेहरान और ओमान के बीच एक अस्थायी 7-mile-wide shipping corridor यानी सात मील चौड़े नौवहन गलियारे पर सहमति बन गई है. यह कदम स्थायी नौवहन नियमों के तय होने तक एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में काम करेगा. इसके साथ ही बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया गया कि क्षेत्र के हालात को February 28 से पहले की स्थिति में वापस लाया जाए.
अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख और मुआवजे की मांग
उसी दिन ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव, सुरक्षा परिषद और सदस्य देशों को एक औपचारिक पत्र भेजा. इस पत्र में उन्होंने अमेरिका पर सेकेंडरी प्रतिबंधों के जरिए आर्थिक जबरदस्ती करने का गंभीर आरोप लगाया. इन प्रतिबंधों की घोषणा औपचारिक रूप से August 24, 2026 को की गई थी. अरागची ने इन अमेरिकी प्रतिबंधों को आर्थिक आतंकवाद और एक गैर-कानूनी तथा आपराधिक अभियान करार दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके परिणामस्वरूप हुए नुकसान के लिए अमेरिका पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय और संभावित व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी रखता है, जिसके लिए ईरान पूरी भरपाई की मांग कर रहा है.
तेहरान में इन उच्च स्तरीय बैठकों से पहले भी काफी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली थी. हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख और ओमान के विदेश मंत्री ने भी तेहरान का दौरा किया था. कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दोहराया कि क्षेत्रीय शिकायतों को दूर करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कूटनीतिक बातचीत ही सबसे असरदार जरिया है. यह नया सत्र August 25, 2026 को अरागची और शेख मोहम्मद के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद आगे बढ़ाया गया है, जिसमें हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए लगातार बातचीत के चैनल खुले रखने की जरूरत पर बल दिया गया था.