Strait of Hormuz: अमेरिका शर्तें माने तो दो दिन में खुल सकता है समुद्री रास्ता, ईरान का प्रस्ताव
ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका उसकी शर्तें मानता है तो दो दिनों के भीतर Strait of Hormuz को फिर से खोला जा सकता है।

तेहरान: ईरान और कतर के बीच Strait of Hormuz को फिर से खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि अगर अमेरिका तेहरान की शर्तों को पूरा करता है, तो इस रणनीतिक जलमार्ग को दो दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कतरी मध्यस्थों के साथ हुई चर्चा के बाद इस समय सीमा को कम किया गया है। पहले इस प्रस्ताव में लागू करने की अवधि पांच दिन थी, जिसे अब घटाकर दो दिन कर दिया गया है। अराघची ने कहा कि कतरी पक्ष ने पहले पांच दिन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब दोनों पक्ष दो दिनों की अवधि पर सहमत हुए हैं।
ईरान ने अपनी मांगों में इस्लामाबाद मेमोरेंडम के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की संख्या कम करने की शर्त रखी है। इसके अलावा, तेहरान ने तेल छूट (oil waivers) को बहाल करने और कतर सहित अन्य जगहों पर जमी हुई अपनी सभी धनराशि को मुक्त करने की मांग की है।
विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान चाहता है कि ओमान के साथ चर्चा किए गए शिपिंग रूट को मान्यता दी जाए और अन्य रास्तों को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि शर्तों के अनुसार Strait of Hormuz के खुलने से वाशिंगटन के साथ लंबित मुद्दों पर बातचीत का रास्ता साफ होगा।
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रजाई ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जब तक तेहरान की सात शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी और समुद्री रास्ता बंद रहेगा। रजाई ने कहा कि ये शर्तें इस्लामाबाद वार्ताओं के ढांचे से पूरी तरह अलग हैं।
रजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अगर देश पर हमला किया गया, तो ईरान नए हथियारों का इस्तेमाल कर हमलावर को करारा जवाब देगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि शर्तें पूरी होती हैं, तो कूटनीति का रास्ता खुला है।
ईरान की मांगों में जुलाई में इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) टूटने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना और जून में दिए गए तेल छूट को फिर से लागू करना शामिल है। साथ ही, तेहरान ने सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने की मांग की है, जिसमें विशेष रूप से लेबनान पर इजरायल के हमलों को रोकने की बात कही गई है।
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा कतरी मध्यस्थों के जरिए रजाई को भेजे गए एक पत्र के बाद शुरू हुआ है। रजाई ने बताया कि इस संचार में वाशिंगटन के लहजे में पूरी तरह बदलाव आया है, जिसे उन्होंने ईरान के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस पत्र में शांति की विशिष्ट शर्तों के बजाय बातचीत के एक ढांचे का सुझाव दिया गया है। इस प्रस्ताव में जेडी वेंस के नेतृत्व में सीधी बातचीत और चर्चाओं के हिस्से के रूप में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शामिल करने की बात कही गई है।