कतर के प्रधानमंत्री से मिले ईरान के संसद अध्यक्ष, अमेरिका की नीतियों पर उठाए कड़े सवाल

Praggya Singh sabal27 August 20262 min read42 viewsQatar
कतर के प्रधानमंत्री से मिले ईरान के संसद अध्यक्ष, अमेरिका की नीतियों पर उठाए कड़े सवाल

तेहरान में 27 अगस्त 2026 को एक अहम बैठक हुई, जिसमें ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबफ ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ईरान के नेता ने अमेरिका की नीतियों पर तीखा हमला बोला और कहा कि वाशिंगटन गलत जानकारी के आधार पर फैसले ले रहा है। गालिबफ का कहना था कि इन गलत फैसलों की वजह से अमेरिका के संसाधनों की बर्बादी हो रही है और मध्य पूर्व के हालात लगातार खराब हो रहे हैं। इस पूरी राजनीतिक हलचल के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां आने-जाने वाले लोगों की निगाहें भी इस बात पर टिकी हैं कि क्षेत्रीय तनाव का असर आम जनजीवन और सुरक्षा पर न पड़े।

अमेरिका पर गलत फैसलों और आर्थिक युद्ध का आरोप

ईरान के संसद अध्यक्ष ने खुलकर कहा कि अमेरिका का मौजूदा रुख उसके अपने वित्तीय, सैन्य और मानवीय संसाधनों को खतरे में डाल रहा है। साथ ही इससे पूरे क्षेत्र का भविष्य और ईरानी जनता के हित भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को आर्थिक रूप से घेरने की अमेरिकी रणनीति कभी कामयाब नहीं होगी और देश इस ऑल-आउट आर्थिक युद्ध का डटकर सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। दूसरी ओर, ईरानी संसद के मीडिया सेंटर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों को खारिज करते हुए उन्हें फर्जी खबरें और मीडिया का खेल बताया। हालात इतने गरमाए हुए हैं कि गालिबफ ने सोशल मीडिया पर 'मेक अमेरिका हंगरी अगेन' शीर्षक से एक ग्राफिक भी शेयर किया।

होरमुज जलडमरूमध्य और मध्यस्थता की कोशिशें

यह कूटनीतिक बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि उनका देश ईरान के खिलाफ बड़ी जीत हासिल कर रहा है और यह संघर्ष अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। इसके जवाब में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने तेहरान पर प्रतिबंधों को और बढ़ाने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकैट' की घोषणा की। होरमुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। तेहरान का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका इस्लामाबाद समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता और नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक होरमुज जलडमरूमध्य कुछ खास ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा। ऐसे में कतर के साथ-साथ पाकिस्तान और ओमान हालात को सामान्य बनाने के लिए लगातार मध्यस्थता कर रहे हैं। तेहरान की बैठक में होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए एक अस्थायी संयुक्त नेविगेशनल कॉरिडोर बनाने पर भी चर्चा की गई, जबकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिकी और इजरायली आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की है।

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