ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि देश विश्वसनीय गारंटी के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है लेकिन दबाव नहीं सहेगा

बगदाद (इराक): ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि उनका देश विश्वसनीय गारंटी के आधार पर बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी भी तरह का दबाव, धमकी या डराने-धमकाने का तरीका स्वीकार नहीं करेगा और दबाव में आकर अपने संप्रभु अधिकारों को नहीं छोड़ेगा।
इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की विदेश मंत्रियों की बैठक में बोलते हुए अराघची ने अमेरिका पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की अनदेखी करते हुए आक्रामकता, धमकी, हत्या और आर्थिक युद्ध का रास्ता चुना है। अराघची के मुताबिक अमेरिका ने बार-बार राजनयिक प्रक्रियाओं में बाधा डाली है।
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि तेहरान हमलावर देशों की मनमानी के आगे नहीं झुकेगा।
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतिबजादेह ने क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी मोर्चों पर दुश्मनी खत्म करने को जरूरी बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी क्षेत्र में लड़ाई जारी रहने से व्यापक संघर्ष लंबा खिंच सकता है। खतिबजादेह ने बताया कि ईरान लेबनान पर इजरायली युद्ध को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जून के मध्य में ईरान और अमेरिका के बीच हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन में यह उद्देश्य सुरक्षित किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि Beirut दौरे के दौरान उन्होंने दोनों पक्षों को करीब लाने की कोशिश की।
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। केंटकी में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होते ही अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतें पहले से भी कम हो जाएंगी।
ओआईसी बैठक के इतर ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी से भी मुलाकात की। वहीं ईरान की संसद ने मेहरदाद अखलाघी केताबची की देश के नए रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।