अमेरिका के साथ युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है ईरान, विदेश मंत्री अराघची का बड़ा बयान

ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने एक इंटरव्यू के दौरान अमरीका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका देश अमरीका के साथ किसी भी तरह के बड़े युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई थी।
अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया और सीजफायर प्रस्ताव
अमरीकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के सात दिन के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे अमरीकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर बमबारी फिर से शुरू करने की योजना बना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी उन्होंने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया था। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें अमरीकी चुनावों से कोई मतलब नहीं है और वे केवल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए खड़े हैं।
राजनयिक बातचीत और तेल की बिक्री पर ईरान का रुख
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि वे अभी भी कूटनीति के रास्ते पर चलने के लिए तैयार हैं और शांति का कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहते हैं। ईरान चाहता है कि उसके अवैध रूप से रोके गए फंड और एसेट्स को तुरंत जारी किया जाए ताकि वे खुलकर अपना तेल बेच सकें। उन्होंने बताया कि जून के महीने में एक समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी थी, लेकिन आपसी हमलों के कारण वह योजना आगे नहीं बढ़ पाई थी।
संयुक्त राष्ट्र में अमरीका का कड़ा विरोध
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत Mike Waltz ने ईरान के इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने और अरबों डॉलर के जमे हुए फंड तक पहुंच हासिल करने के लिए यह एक दिखावटी कोशिश कर रहा है। अमरीका का यह भी कहना है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हमले करके पुराने समझौतों को तोड़ा है, इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप को इस बार ईरान की बातों पर भरोसा नहीं है। इस बढ़ते तनाव के कारण आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।