ईरान ने अमेरिका पर लगाया शादी में हमले का आरोप, इंटरनेशनल कोर्ट में जांच की मांग.

Nura Basta2 September 20263 min read28 viewsWorld
ईरान ने अमेरिका पर लगाया शादी में हमले का आरोप, इंटरनेशनल कोर्ट में जांच की मांग.

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय यानी ICC से एक गंभीर मामले की जांच शुरू करने की औपचारिक मांग की है। यह मामला बुधवार, 2 सितंबर 2026 को ईरान के होर्मोज़गन प्रांत के सिरिक काउंटी स्थित कोहेस्टक इलाके में हुए एक अमेरिकी सैन्य हमले से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक रिहायशी परिसर को निशाना बनाया गया था। इस परिसर में एक शादी का समारोह चल रहा था, जिस दौरान यह दर्दनाक हमला हुआ।

हमले में हुई जानमाल की भारी क्षति

ایرانی अधिकारियों के अनुसार, इस घातक हमले में एक बच्चे समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कम से कम 68 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 15 से अधिक बच्चे भी शामिल हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स में केवल चार लोगों के मारे जाने और 50 से ज्यादा के घायल होने की खबर आई थी। होर्मोज़गन के डिप्टी गवर्नर अहमद नफिसी ने इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि आपातकालीन टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

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ईरान सरकार और सेना का कड़ा रुख

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे सीधा युद्ध अपराध करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस घटना का कड़ा जवाब देगा। इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिका को इस कायराना हमले के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीज़ी ने भी एक नागरिक समारोह को निशाना बनाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।

अमेरिका और CENTCOM का पक्ष

ईरानी रेड क्रिसेंट का कहना है कि अमेरिकी मिसाइल के छर्रे इस घर पर गिरे थे और मानवीय प्रतीकों पर इस तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना को इन रिपोर्ट्स की जानकारी है, लेकिन अमेरिका कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाता है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैनिकों और कमर्शियल जहाजों पर मंडरा रहे खतरों के जवाब में IRGC के एयर डिफेंस ठिकानों, रडार सिस्टम और समुद्री संपत्तियों को तबाह करने के लिए किए गए थे।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव और जवाबी कार्रवाई

कोहेस्टक की इस घटना के तुरंत बाद मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया और ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी मिसाइल हमले शुरू कर दिए। जॉर्डन, कुवैत, इराक और बहरीन में हमलों की खबरें सामने आईं। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने हवा में ही 10 ईरानी मिसाइलों को नाकाम कर दिया और उन्हें रोक लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ये अमेरिकी हमले ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल दागने के जवाब में किए गए थे। इसके अलावा, अमेरिकी हमलों में ईरान सरकार के दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।

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