ईरान रेड क्राइसिस का बड़ा ऐलान, मलबे से 7,250 से ज्यादा लोगों को बचाया गया जिंदा

ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। Iranian Red Crescent Society यानी IRCS ने 30 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी है कि जब से संघर्ष शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक मलबे के नीचे से 7,250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसके बाद से पूरे देश में लगातार बचाव कार्य जारी हैं और राहत टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।
इसफाहान में दी गई जानकारी और मानवीय सहायता
IRCS के अध्यक्ष Dr. Pir-Hossein Kolivand ने इसफाहान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन आंकड़ों को सबके सामने रखा। यह कार्यक्रम मानवीय अभियानों के 40 दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया था। इस दौरान डॉ. कोलिवंद ने युवा वालंटियर्स की तारीफ की और बताया कि भारी गोलाबारी और मिसाइल हमलों के बावजूद बचाव टीमें अक्सर सिर्फ 4 मिनट के भीतर ही घटनास्थल पर पहुंच जाती थीं। उन्होंने यह भी साफ किया कि मानवीय निष्पक्षता का मतलब कथित युद्ध अपराधों पर चुप रहना नहीं है और संगठन ने चिकित्सा सुविधाओं तथा राहत बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय निकायों को सौंप दिए हैं ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके।
नवे सुप्रीम लीडर का खाड़ी देशों के नाम संदेश
इसी बीच, ईरान के नए सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने 30 अगस्त 2026 को अपना पहला सार्वजनिक संदेश जारी किया। आपको बता दें कि 28 फरवरी को जब संघर्ष शुरू हुआ था, तब उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की इस दौरान मौत हो गई थी। अपने इस नए संदेश में सुप्रीम लीडर ने खाड़ी देशों के नेताओं से अपील की है कि वे अपने असली दुश्मन को पहचानें और अमेरिका तथा इसराइल के खिलाफ एकजुट हो जाएं ताकि क्षेत्र में शांति और मुस्लिम एकता बन सके।
क्षेत्रीय तनाव और अन्य बड़ी घटनाएं
इस संघर्ष के कारण पूरे इलाके में माहौल काफी गर्म बना हुआ है। 30 अगस्त 2026 को ही इसराइल की सुरक्षा एजेंसी Shin Bet ने यह रिपोर्ट दी कि प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बड़े बेटे को अमेरिका से भारी सुरक्षा खतरे के चलते तुरंत वापस बुला लिया गया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू का आरोप है कि ईरानी ताकतों ने उनके बेटे को मारने की कोशिश की थी। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी तनाव जारी है, जहां अमेरिका के नौसैनिक नाकाबंदी के बीच ईरान ने अभी भी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। वहीं, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इसराइली बसने वालों द्वारा एक एनबीसी न्यूज़ क्रू पर हमले की खबर भी सामने आई है।