ईरान बोला- खाड़ी देशों से दुश्मनी नहीं, पर जमीन के गलत इस्तेमाल पर चुप नहीं रहेंगे
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों के साथ अच्छे संबंधों की बात कही है, लेकिन संप्रभुता पर हमले की चेतावनी भी दी है।

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान का खाड़ी देशों के प्रति कोई विरोध या दुश्मनी नहीं है। उन्होंने क्षेत्र में अच्छे पड़ोसी संबंधों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
3 नवंबर, 2026 को जारी एक बयान में अराघची ने क्षेत्रीय सुरक्षा को स्थिर करने के लिए राजनयिक प्रयासों पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने इस बात की पुष्टि की कि तेहरान ऐसी नई क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था बनाना चाहता है जिसमें विदेशी सैन्य हस्तक्षेप की कोई जगह न हो।
राजनयिक कोशिशों के बीच ईरान ने सख्त चेतावनी भी दी है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अगर पड़ोसी देश अपनी जमीन या सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए करने देते हैं, तो तेहरान चुप नहीं बैठेगा।
सैन्य तनाव को रोकने के लिए हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के अधिकारियों ने तेहरान में उच्च स्तरीय बैठकें की हैं। इसके साथ ही, ईरान कतर और पाकिस्तान में मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ गहन अप्रत्यक्ष बातचीत कर रहा है। इन चर्चाओं में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुद्दे शामिल हैं।
इन कोशिशों के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। यमन में जारी संघर्ष, ऊर्जा बुनियादी ढांचे की कमजोरी और शिपिंग लेन की सुरक्षा मुख्य चिंताएं बनी हुई हैं। कुछ अरब देशों ने चेतावनी दी है कि उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर सामूहिक या व्यक्तिगत जवाबी कार्रवाई की जा सकती है।