प्रतिबंध और धमकियों के बीच अमेरिका से बातचीत नहीं करेंगे ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन उन्होंने अमेरिका से ईमानदारी दिखाने को कहा

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका एक तरफ प्रतिबंध लगाकर धमकियां दे रहा है और दूसरी तरफ बातचीत की उम्मीद कर रहा है, जो मुमकिन नहीं है। 21 अक्टूबर 2026 को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की बातचीत के लिए अमेरिका को अपनी नीयत साफ करनी होगी।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन के मुताबिक, अगर अमेरिका चाहता है कि बातचीत आगे बढ़े, तो उसे राजनीतिक दबाव खत्म करना होगा और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी जनता अमेरिकी इरादों पर गहरा शक करती है और उन्हें डर है कि बातचीत शुरू होने के बाद भी हमले हो सकते हैं।
यह बयान पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा के बाद आया है। फील्ड मार्शल मुनीर 20 अक्टूबर को तेहरान पहुंचे थे, जहां वे वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ और सुरक्षा प्रमुख मेजर जनरल मोहसिन रजाई सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव कम करने पर चर्चा की।
संसद स्पीकर गालिबाफ ने अमेरिका के लिए सात ऐसी शर्तें रखी हैं जिन पर कोई समझौता नहीं होगा। इनमें तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को तुरंत हटाना, ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करना और सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर दुश्मनी बंद करना शामिल है।
सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने सभी समृद्ध परमाणु सामग्रियों को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में रखेगा। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका तय शर्तों को पूरा नहीं करता, तब तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं होगी।
दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसी महीने कहा था कि ईरान को अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता में बड़ी कटौती करनी होगी ताकि आठ महीने से चल रहा संघर्ष खत्म हो सके। वहीं ऐसी खबरें भी हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ईरान पर सैन्य हमले के प्रस्ताव का विरोध किया है, ताकि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले क्षेत्रीय अस्थिरता न बढ़े।
तेहरान का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में हो रही रुकावटें सीधे तौर पर अमेरिका की युद्धप्रिय नीतियों का नतीजा हैं।