ईरान का बड़ा ऐलान, IAEA के यूएन सुरक्षा परिषद में भेजने के फैसले को नकारा, कहा नहीं छोड़ेंगे परमाणु अधिकार.

Aanya10 September 20262 min read24 viewsWorld
ईरान का बड़ा ऐलान, IAEA के यूएन सुरक्षा परिषद में भेजने के फैसले को नकारा, कहा नहीं छोड़ेंगे परमाणु अधिकार.

ईरान के ऑस्ट्रिया स्थित दूतावास ने 10 सितंबर 2026 को साफ तौर पर घोषणा की है कि तेहरान अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के अधिकार को कभी नहीं छोड़ेगा। यह बयान इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने 9 सितंबर को ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भेजने का फैसला किया। एजेंसी का आरोप है कि ईरान परमाणु प्रसार नियमों का पालन नहीं कर रहा है और निरीक्षकों को परमाणु संयंत्रों में जाने की अनुमति नहीं दे रहा है।

IAEA की बैठक में पास हुआ प्रस्ताव

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 23 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 3 देश यानी रूस, चीन और नाइजर रहे और 8 देशों ने इस पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इस पूरे मामले को आगे बढ़ाने वाले देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी शामिल रहे। पिछले दो दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है कि ईरान के खिलाफ इस तरह का कोई कदम उठाया गया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने 7 सितंबर को जानकारी दी थी कि एजेंसी ने जून 2025 के बाद से समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को लेकर अपनी निगरानी खो दी है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर निरीक्षण न हो पाने की वजह से यह दुनिया के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है।

तेहरान का तीखा रुख और राजनीतिक बयानबाजी

दूसरी तरफ, तेहरान का कहना है कि यह पूरा विवाद जून 2025 से अमेरिका और इस्राइल द्वारा परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की वजह से पैदा हुआ है। ईरान का दावा है कि इन हमलों की वजह से निरीक्षकों का सुरक्षित रूप से पहुंचना पूरी तरह असंभव हो गया था। वियना में संयुक्त राष्ट्र के लिए ईरान के राजदूत Reza Najafi ने इस प्रस्ताव को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। इसके साथ ही ऑस्ट्रिया में ईरानी दूतावास ने पूरी प्रक्रिया को एक राजनीतिक तमाशा करार दिया।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के प्रस्ताव से IAEA की विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंचेगा और इससे वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।

अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम के बाद संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी मिशन ने एक बयान जारी कर ईरान से अपील की कि वह अपने सेफगार्ड समझौते का जल्द से जल्द पालन करे और अपने परमाणु संयंत्रों की जरूरी जानकारी और वहां जाने का रास्ता खोले। इस बारे में अधिक जानकारी USUN Official Website पर देखी जा सकती है। वहीं दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव ने चेतावनी दी है कि IAEA के ऐसे राजनीतिक दांव-पेंचों की वजह से कई देश परमाणु हथियार प्रसार संधि यानी एनपीटी से बाहर निकलने का बड़ा कदम उठा सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment